कोरोना के चलते इस वर्ष भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इस वर्ष व्यापार शुरू होने की न के बराबर उम्मीद है। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला का कहना है कि इस बार व्यापार नहीं हो पाएगा।
वर्ष 2015 में 32,61,845 रुपये का आयात, 71,62,32,670 रुपये का निर्यात, वर्ष 2016 में 52,15,56 रुपये का आयात और 19,75,95,650 का निर्यात, वर्ष 2017 में 7,34,494 रुपये का आयात और 87,85,46,050 रुपये का निर्यात हुआ। वर्ष 2018 में 5,34,684 रुपये का आयात और 87,86,42,560 रुपये का निर्यात हुआ था।
इन वस्तुओं का होता है व्यापार
गुड़, मिश्री, दन, कालीन, माचिस, एल्यूमीनियम के बर्तन, बांस के डंडे, कूट्टू का आटा, सूखी मूली सहित कई अन्य चीजों का व्यापार किया जाता है।