रात्रि कर्फ्यू और आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य करने के कारण कई पर्यटक नए साल का स्वागत करने के लिए टिहरी के हिल स्टेशन नहीं पहुंच पाए। जिससे पर्यटकों के साथ ही होटल व्यवसायियों में खासी उदासी देखी गई। हालांकि टिहरी झील में बोटिंग करने के लिए काफी सैलानी पहुंचे, लेकिन बंदिशों के कारण अधिकतर लोग वहां रुकने के बजाए अपने गंतव्य को लौट गए।
नए साल पर हिल स्टेशन अक्सर फुल रहते थे, लेकिन कोविड-19 के खतरे को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू और पर्यटकों के लिए आरटीपीसीआर की रिपोर्ट दिखाने की शर्त के कारण कई पर्यटक हिल स्टेशन नहीं पहुंच पाए। रिपोर्ट दिखाने के लिए प्रशासन ने बाकायदा सीमाओं पर बैरियर भी लगाए हुए हैं। जिससे सैकड़ों पर्यटकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
धनोल्टी होटल एसासिएशन के अध्यक्ष यशपाल सिंह बेलवाल ने बताया कि नए साल के स्वागत के लिए धनोल्टी और काणाताल क्षेत्र में करीब 80 फीसदी होटल एडवांस में बुक कराए गए थे। लेकिन नई गाइड लाइन के तहत रात्रि कर्फ्यू और बोन फायर जैसे आयोजनों पर बंदिशें लगाने से 20 फीसदी लोगों ने अपनी बुकिंग निरस्त कराई है। जबकि सीमा पर बैरियर लगा देने से भी सैकड़ों पर्यटकों को वापस लौटना पड़ा है।
बेलवाल ने बताया कि क्रिसमस पर धनोल्टी में काफी भीड़ थी, लेकिन नए साल के जश्न के लिए उम्मीद के मुताबिक चहल-पहल नहीं है। इससे होटल व्यवसायियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि टिहरी झील में बोटिंग करने वालों की खूब भीड़ रही।
बोट एसोसिएशन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने बताया कि 31 दिसंबर को कोटीकालोनी में दिनभर करीब 1200 से अधिक लोग बोटिंग करने पहुंचे। लेकिन आयोजनों पर बंदिशें लगा देने से पर्यटक होमस्टे और कैंप में नहीं रुके। उन्होंने बताया कि कई जोड़ों ने झील में प्री वेडिंग शूट करवाए। एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान ने कहा कि धनोल्टी आने वाले पर्यटकों की रैंडम चेकिंग की जा रही है।