प्रदेश सरकार लक्ष्मण झूला पुल को एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संजोएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह पुल ऋषिकेश के प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में देश-विदेश में विख्यात है। यहां तक कि कई फि ल्मों में पुल का फि ल्मांकन प्रमुखता से किया गया है। लक्ष्मण झूला का समुचित रखरखाव और इसे हेरिटेज के तौर पर संरक्षित करने के लिए सरकार विशेषज्ञों की राय से कार्ययोजना बनाएगी।
आवाजाही से खतरा, इजाजत नहीं दी जा सकती : सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि छह महीने पहले आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से लक्ष्मण झूला पुल की फिजिबिलिटी पर अध्ययन करने को कहा गया था। उसकी रिपोर्ट के अनुसार पुल की स्थिति ऐसी नहीं है कि इस पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जा सके।
उन्होंने ये बात शनिवार को उनसे मुलाकात करने पहुंची यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी से कही। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले में भारी भीड़ को देखते हुए लक्ष्मण झूला पर आवाजाही को जारी रखना उचित नहीं रहता। जन सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है।