कांग्रेस की कैबिनेट मंत्री अमृता रावत को मंत्री पर से बर्खास्त कर दिया
गया है। उनकी जगह निर्दलीय विधायक दिनेश धनै ने मंत्री पद की शपथ ली।
मंत्री के रूप में दिनेश धनै ने दोपहर 3:30 बजे शपथ ले ली है। राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने दिनेश धनै को शपथ दिलाई।
सतपाल महाराज द्वारा भाजपा में जाने का खामियाजा आखिरकार अमृता को पद खोकर चुकाना पड़ा।
सरकार का सहयोग दे रहे दिनेश धनै लंबे समय से मंत्री बनने को तैयार बैठे हैं। शपथ के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
लोकसभा चुनाव में हार के बाद से ही कांग्रेस के खेमे में अमृता रावत के इस्तीफे की मांग बढ़ गई थी। वहीं हार के चलते एक बार फिर कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच बयानबाजी भी हो रही थी।
लंबे समय से चल रही थी मंत्री पद से हटाने की मांग
सतपाल महाराज के भाजपा में जाने के बाद से ही उनकी पत्नी अमृता रावत को कांग्रेस में विरोध झेलना पड़ रहा था।
बताया गया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों की अगली सुबह से ही बहुगुणा खेमे के नेता अमृता रावत को मंत्री पद से हटाने और उनकी जगह किसी अन्य को मंत्री बनाने की मांग कर रहे थे।
रविवार को मुख्यमंत्री ने अपने 10 विधायकों का दायित्व बढ़ाकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ मंत्री इंदिरा ह़दयेश को करीब लाने के लिए अपने विभागों में से औद्योगिक विकास विभाग भी सौंप दिया।
अमृता को हटाने के बाद बढ़ेगी रावत की मुसीबत
कैबिनेट मंत्री अमृता रावत को हटाने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ना तय है।
लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान अमृता रावत को काफी विरोध झेलना पड़ा था।
बता दें कि सतपाल महाराज के कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद से ही अंदरखाने में अमृता रावत को हटाने के प्रयास किए जा रहे थे।
लेकिन इन सबके बीच अमृता रावत पद छोड़ने को तैयार नहीं थीं। उनका कहना था
कि आम चुनावों में कांग्रेस की हार के लिए पार्टी का हर कार्यकर्ता
जिम्मेदार है।