देहरादून । राजधानी दून समेत पूरे प्रदेश की जख्मी सड़कों पर जल्द मरहम लगने की उम्मीद है। राजधानी की बदहाल सड़कों का मुद्दा अमर उजाला की ओर से प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी आरके सुधांशु में प्रमुख अभियंता को आदेश जारी किया है कि राजधानी समेत राज्य की सभी सड़कों को एक सप्ताह के भीतर गड्ढा मुक्त बनाया जाए।
प्रमुख अभियंता को भेजे गए पत्र में प्रमुख सचिव ने टूटी सड़कों से लोगों की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि शासन स्तर से बार-बार निर्देश जारी किए जाने के बाद भी विभागीय अधिकारी इस मामले में गंभीर नहीं हैं। पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव आरके सुधांशु का कहना है कि सड़कों को गड्ढामुक्त बनाए जाने को लेकर शासन की ओर से पर्याप्त बजट मुहैया कराया गया है। ऐसे में विभागीय बजट की भी कमी नहीं है। उन्होंने पूछा कि तो किन परिस्थितियों में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाए जाने व सड़कों की मरम्मत का काम रुका हुआ है ?
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि ऐसा लगता है कि विभागीय अधिकारियों, इंजीनियरों की उदासीनता के चलते टूटी-फूटी सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। उन्होंने प्रमुख अभियंता को सख्त हिदायत देते हुए टूटी सड़कों की मरम्मत कराने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को मुहैया कराने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से राजधानी की टूटी-फूटी सड़कों की मरम्मत को लेकर अभियान तो शुरू किया गया लेकिन बाद में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़कों की मरम्मत का काम ठप पड़ गया। जिन सड़कों की मरम्मत की भी गई उनमें से अधिकतर कुछ समय में ही टूट गईं। पता चला कि विभागीय अधिकारियों, इंजीनियरों ने मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा यह रहा है कि राजधानी की तमाम सड़कों टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई। अब जबकि प्रमुख सचिव ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रमुख अभियंता को कड़ा पत्र लिखा है तो एक बार फिर जख्मी सड़कों को जल्द मरहम लगेगा, इसकी पूरी उम्मीद है।