मास्टर माइंड पंत दंपती के गिरफ्तार होने के बाद अब एसआईटी की टीम नलवा लैब, हिसार के संचालक डॉक्टर नवतेज नलवा की गिरफ्तारी की कोशिश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा
354 रुपये प्रति व्यक्ति होनी थी कोरोना की जांच
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना 354 रुपये प्रति व्यक्ति होनी थी। कुल जांचों का चार करोड़ रुपये का बिल बना और भुगतान के लिए जमा भी किए गए। आरोपियों को 15 लाख 41 हजार 670 रुपये का भुगतान भी हो गया था। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद बाकी भुगतान पर रोक लगा दी गई।
आईसीएमआर से अधिकृत नहीं थी लैब
सरकार से ठेका लेने के बाद शरत और मल्लिका पंत ने भिवानी, हरियाणा की डेलफिशा लैब से कोरोना जांच कराई थी जबकि डेलफिशा लैब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) में कोविड जांच के लिए अधिकृत ही नहीं थी। नियमानुुसार, कोविड जांच के लिए केवल आईसीएमआर से अधिकृत लैब ही आवेदन कर सकती हैं।
कोरोना जांच फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी पंत दंपती को रविवार रात नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। षड्यंत्र में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी, हरिद्वार