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कुंभ कोरोना जांच फर्जीवाड़ा: मैक्स कॉरपोरेट सोसाइटी के पार्टनर शरद और मल्लिका पंत गिरफ्तार

Mon, 08 Nov 2021 10:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

हरिद्वार में आयोजित महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। जिसमें मैक्स कॉरपोरेट सोसायटी, नलवा लैब और डॉ. लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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विस्तार
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महाकुंभ 2021 में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना जांच में फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी पंत  दंपती को एसआईटी ने नोएडा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी को काफी समय से दोनों की तलाश थी। गिरफ्तारी के डर से  दंपती कहीं और रह रहा था। रविवार रात करीब 12.15 बजे वे सामान लेने आए थे। आरोपियों को सोमवार को हरिद्वार लाने के बाद कोर्ट में पेश कर जिला कारागार भेज दिया गया।

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हरिद्वार महाकुंभ में श्रद्धालुओं की कोरोना जांच में हुए फर्जीवाड़े के बाद मैक्स कारपोरेट सोसाइटी दिल्ली, नलवा लैब हिसार और डॉक्टर लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली के खिलाफ तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शंभू कुमार झा ने मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी की जांच में सामने आया कि पूरे फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी मैक्स कारपोरेट सोसाइटी के पार्टनर शरत और उसकी पत्नी मल्लिका पंत हैं। पंत  दंपती ने कुंभ मेला अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) को गुमराह करते हुए नलवा लैब हिसार और डॉक्टर लाल चंदानी लैब दिल्ली के साथ एमओयू दर्शाकर कुंभ में श्रद्धालुओं की कोरोना जांच का ठेका लिया था।

फर्जीवाड़े में शरत और मल्लिका पंत का नाम सामने आने के बाद एसआईटी ने कोर्ट से उनके गैर जमानती वारंट लिए थे। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। एसआईटी ने रविवार रात सवा बारह बजे पंत  दंपती को उनके आवास बी-56, सेक्टर 49 नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार सुबह एसआईटी की टीम आरोपियों को लेकर हरिद्वार पहुंची और उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। टीम में एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर रेखा यादव, कोतवाल राकेंद्र सिंह कठैत, एसएसआई अरविंद रतूड़ी, एसआई लक्ष्मी मनोला, संजीत कंडारी, आरक्षी शशिकांत त्यागी, रवि पंत, रोहित नौटियाल, महिला आरक्षी रजनी बिष्ट शामिल थे।

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अब नलवा लैब के संचालक की तलाश

मास्टर माइंड पंत  दंपती के गिरफ्तार होने के बाद अब एसआईटी की टीम नलवा लैब, हिसार के संचालक डॉक्टर नवतेज नलवा की गिरफ्तारी की कोशिश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा

354 रुपये प्रति व्यक्ति होनी थी कोरोना की जांच
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना 354 रुपये प्रति व्यक्ति होनी थी। कुल जांचों का चार करोड़ रुपये का बिल बना और भुगतान के लिए जमा भी किए गए। आरोपियों को 15 लाख 41 हजार 670 रुपये का भुगतान भी हो गया था। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद बाकी भुगतान पर रोक लगा दी गई। 

आईसीएमआर से अधिकृत नहीं थी लैब
सरकार से ठेका लेने के बाद शरत और मल्लिका पंत ने भिवानी, हरियाणा की डेलफिशा लैब से कोरोना जांच कराई थी जबकि डेलफिशा लैब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) में कोविड जांच के लिए अधिकृत ही नहीं थी। नियमानुुसार, कोविड जांच के लिए केवल आईसीएमआर से अधिकृत लैब ही आवेदन कर सकती हैं।

कोरोना जांच फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी पंत  दंपती को रविवार रात नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। षड्यंत्र में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी, हरिद्वार 
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