बालीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हरिद्वार के ज्वालापुर थाने में तहरीर दी गई है। अम्बरीष कुमार विचार मंच और कांग्रेसियों ने कहा कि कंगना ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान किया है।
शुक्रवार को अम्बरीष कुमार विचार मंच व कांग्रेस नेता ज्वालापुर कोतवाली पहुंचे। कोतवाल चंद्र चंद्राकर नैथानी को तहरीर देते हुए मंच के नेता मुरली मनोहर और यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वरुण वालियान ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवन के साढ़े छह साल जेल में बिताए। नेहरू ने करीब नौ साल जेल में रहे।
भगत सिंह, सुखदेव, अशफाक, विस्मिल जैसे अनगिनत युवा कुर्बान हुए। लाखों लोगों ने देश को आजादी दिलाने में अपना जीवन झोंक दिया। लेकिन आज सावरकर और संघ की विचारधारा के लोग शहीदों का अपमान कर रहे हैं। आजादी के बाद संविधान निर्माताओं बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान कर रहे हैं।
कांग्रेसियों ने कहा कि कंगना को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन चलाया जाएगा। इस दौरान मन्नू रियाज अंसारी, राजीव भार्गव, अंकित चौहान, अमरदीप रोशन, हेमत चंचल, मनोज जाटव, नवाज अब्बासी, नौमान अंसारी, संजय वाल्मीकि, अंकित शर्मा, सोनू शर्मा, मोहित चौधरी, भूपेंद्र वशिष्ठ, नवाज, दीपक आदि मौजूद रहे।
वहीं उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड कांग्रेस में भी 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिए जाने की मांग उठी है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत ने भी शीर्ष नेतृत्व के समक्ष इसकी पैरवी की है।
अनुपमा रावत ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने 40 फीसदी टिकट महिलाओं को दिए जाने की पुरजोर पैरवी की है। उत्तराखंड महिला कांग्रेस भी इसकी जोरदार वकालत करती है। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिए जाने चाहिए।
महिलाओं के सशक्तीकरण की बात विभिन्न पार्टियां करती हैं। वास्तव में महिला सशक्तीकरण सही मायने में तभी होगा जब वह आर्थिक और सामाजिक के साथ ही राजनीतिक क्षेत्र में भी सशक्त होगी। इसलिए महिला कांग्रेस चाहती है कि विधानसभा में कम से कम 40 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिले।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य ने हल्द्वानी में शीर्ष नेतृत्व को इस बारे में पत्र सौंपा है। इसके अलावा उन्होंने खुद भी इस बारे में शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिख दिया है।