टोक्यो पैरालंपिक में पहला मेडल लाकर टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल ने रविवार को जहां राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत को तोहफा दिया। वहीं, पहली दिव्यांग निशानेबाज दिलराज कौर ने सड़क किनारे सामान बेच कर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया। दिलराज बीते करीब 70 दिनों से अपनी मां के साथ गांधी पार्क के गेट के सामने चिप्स और अन्य सामान बेच रही हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहीं दिलराज ने बताया कि वह लंबे समय से सरकार से नौकरी की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग की अनदेखी कर रही है। दिलराज ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। बताया कि इस संबंध में अगस्त के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री ने उनकी मां को बुलाकर आश्वासन दिया था कि वह सकारात्मक कार्यवाही करेंगे, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
दिलराज कौर ने पैरालंपिक शूटिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक रजत और राष्ट्रीय स्तर पर 24 स्वर्ण समेत कई पदक अपने नाम किए हैं। इसके अलावा वर्ल्ड पैरा स्पोर्ट्स में पहली सर्टिफाइड कोच, स्पोर्ट्स एजुकेटर जैसी कई उपलब्धियां उनके साथ जुड़ी हुई हैं।