रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से आई मुसीबतों ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया है। केदारनाथ मार्ग पर मलबा आ जाने से छौड़ी में पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते जिला प्रशासन ने रविवार से पांच दिन के लिए धाम की यात्रा रोक दी है। अब यात्रा 12 सितंबर से चलेगी।
केदारधाम में शनिवार को दिन भर बारिश होती रही। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी भी हुई। इससे ठंड काफी बढ़ गई है। केदारनाथ में चल रहे निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
वहीं, बारिश के चलते उत्तरकाशी के नालूपाणी और नेताला में गंगोत्री हाईवे भी घंटों बंद रहा। शुक्रवार रात को दोनों जगह हाईवे भूस्खलन से मलबा आ गया। नालूपाणी में तो सुबह नौ बजे तक यातायात बहाल हो गया, लेकिन नेताला में दोपहर 12 बजे मार्ग खुल सका।
रास्ता बंद होने से फंसे 28 यात्री
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड से डेढ़ किलोमीटर ऊपर छौड़ी में पिछले वर्ष की आपदा में करीब 50 मीटर पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया था। यहां नए एलाइनमेंट पर मार्ग का निर्माण किया गया लेकिन बारिश होने मलबा आने से पर यहां मार्ग अक्सर बंद हो जाता है।
शुक्रवार शाम को भी छौड़ी में मलबा आने से रास्ता बंद हो गया। केदारनाथ से सोनप्रयाग आने वाले 28 यात्रियों को जंगलचट्टी में ही रुकना पड़ा। शनिवार सुबह एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की मदद से यात्रियों को रास्ता पार करवाया गया। हालांकि जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम ने किसी यात्री के केदारनाथ जाने से इनकार किया है।
डीएम बोले
छौड़ी में पैदल मार्ग पर टूट-फूट हुई है। मरम्मत कार्य चल रहा है। मरम्मत कार्य और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पांच दिन के लिए सोनप्रयाग से आगे श्रद्धालुओं की आवाजाही अस्थायी रूप से स्थगित की गई है। सात सितंबर से 11 सितंबर तक यह निर्णय प्रभावी रहेगा।
-राघव लंगर, जिलाधिकारी
17 घंटे तक बंद रहा हरिद्वार-दिल्ली हाईवे
हरिद्वार। शुक्रवार की रात लगातार हो रही तेज बारिश के बाद बरसाती नदी और जंगल से पानी व सिल्ट दिल्ली और बिजनौर हाईवे पर आ गया। इससे दोनों हाईवे बंद हो गए। हरिद्वार-दिल्ली हाईवे 17 घंटे और हरिद्वार-बिजनौर हाईवे दस घंटे ठप रहा।
हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर पतंजलि योगपीठ के पास बरसाती नदी पथरी रौ से पानी और सिल्ट बहकर आ गया। शनिवार शाम पानी कम होने पर क्रेन और जेसीबी की मदद से ट्रक को सिल्ट निकालने पर करीब पांच बजे हाईवे खुला।
वहीं शुक्रवार रात 12 बजे हरिद्वार-बिजनौर हाईवे पर गाजीवाली के पास जंगल से पानी और सिल्ट हाईवे पर आने से वाहनों की रफ्तार थम गई। शनिवार सुबह पांच बजे पंजाब रोडवेज की एक बस पानी के चलते सड़क से बहकर साइड की ओर आ गई। हालांकि बस में सवार सभी 40 यात्री सुरक्षित निकल आए।
चंडीदेवी रोपवे के पास पहाड़ी से पत्थर और पेड़ बहकर आने पर शनिवार को दिन में भी जाम लग गया। हाईवे पर करीब दस किमी तक वाहनों की लाइन लगी रही।