फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निठारी कांडः पंढेर को भी फांसी पर लटकाया जाए

Sat, 06 Sep 2014 01:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गदरपुर (ऊधमसिंह नगर)
विज्ञापन
विज्ञापन
नरभक्षी सुरेंद्र कोली को जल्द ही मेरठ जेल में फांसी मिलने वाली है, पर उसके साथ गिरफ्तार हुए मुख्य आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को फांसी की सजा न मिलने से निठारी कांड की शिकार बनी पायल के पिता नंदलाल आहत हैं। उनका कहना है कि ऐसे दरिंदों को तो सरेआम फांसी पर लटकाया जाना ही उचित होगा।
विज्ञापन


अमर उजाला से पायल के पिता ने कहा कि यदि सीबीआई चाहती तो मुख्य आरोपी मोनिंदर पंढेर को भी फांसी होती। बेटी के लापता होने के बाद सबसे पहले उन्होंने ही नोएडा के सेक्टर 20 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन सीबीआई ने तब उनकी मदद करना तो दूर, अलबत्ता उनको इस केस से हटाने के लिए जमकर परेशान किया।

गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट में उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने पर उनकी कोर्ट में ही तू-तू, मैं-मैं हो गई, जिसका खामियाजा उन्हें न्यायालय में अवमानना करने के रूप में आज भी भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन

अपनी बेटी पायल गंवा दी

रोजगार की तलाश में नोएडा गए नंदलाल को रोजगार तो नहीं मिला अलबत्ता उन्होंने अपनी बेटी पायल गंवा दी। निठारी कांड के खुलासे के बाद वे परिवार समेत अपने ग्राम पिपलिया में लौट गए।

2005 में नोएडा के सेक्टर 31 में निठारी गांव की एक कोठी से लड़के, लड़कियों के तमाम कंकाल मिले थे। इसमें ग्राम पिपलिया के नंदलाल की पुत्री दीपिका उर्फ  पायल भी शामिल थी। सबसे पहले नंदलाल ने ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

उसके बाद कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था। नंदलाल के मुताबिक पूर्व में वह नोएडा के सेक्टर 19 में रहते थे। 2005 में 7 मई को उनकी बेटी दीपिका उफ ऱ् पायल घर से लापता हो गई थी।

कोली को फांसी की सजा पर पायल की मां लक्ष्मी, पिता नंदलाल का कहना था कि ऐसे दरिंदों को तो सरेआम फांसी पर लटकाया जाना ही उचित होगा, जो कोली जैसे दरिंदों के लिए सबक होगा।
विज्ञापन

फफक-फफक कर रो पड़ी पायल की मां

निठारी कांड में नर पिशाचों का शिकार हुई दीपिका उर्फ पायल की मां लक्ष्मी उस समय फफक-फफक कर रो पड़ी जब उसे पता चला कि उसकी बेटी के हत्यारों में से एक सुरेंद्र कोली को जल्द ही फांसी पर लटका दिया जाएगा।

परिवार के मुखिया नंदलाल का कहना था कि पायल उनकी इकलौती लाडली बेटी थी। पायल को याद कर परिजनों के आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। उनका कहना था कि नौ साल बीत जाने के बावजूद आज भी उनकी लाडली पायल की हंसी याद आती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें