दो सगे भाई भी मिलकर कर रहे थे धंधा
बताया, सौरभ पांचवीं तक पढ़ा है। मां-बाप की मौत होने के बाद हलवाई का काम करने वाले उसके दो भाइयों ने बेदखल कर दिया था। आठवीं फेल विशाल और पांचवीं पास नीरज दोनों सगे भाई हैं। दोनों पांचवीं पास सौरभ के दोस्त हैं। दोनों चंद्रबानी देहरादून में किराये का कमरा लेकर जाली नोट बनाने का काम करते थे। सौरभ पिछले 15, 20 दिन से विशाल के साथ उनके कमरे पर रह रहा था। विशाल के माध्यम से ही मोहित से उसकी दोस्ती हुई। मोहित भी देहरादून में किराये के कमरे में रहकर नकली नोट छापता था। लालच में सौरभ भी इनके के साथ जुड़ गया। आरोपी निखिल 12वीं तक पढ़ा है।
हादसे के बाद छोड़ दी थी सेना की नौकरी
आरोपी अनंतबीर 12वीं पास है। वह वर्ष 2001 में बंगाल इंजीनियर सेंटर (आर्मी) में भर्ती हुआ था। 2004 में जब उसका एक्सीडेंट हुआ तो उसने नौकरी छोड़ दी। वर्ष 2022 में जीआरपी थाना बिजनौर से वह लूट के मामले में जेल गया। फिर इसके बाद किसी के माध्यम से उसकी दोस्ती मोहित से हो गई और इस धंधे में उतर गया।