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अनुसूचित जाति के लोगों का शोषण बर्दाश्त नहीं : भानु प्रताप

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कालसी में संपन्न हुई महापंचायत में शामिल लोग। - फोटो : VIKAS NAGAR
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विकासनगर। ब्लॉक सभागार कालसी में अनुसूचित जाति के स्याणा व प्रबुद्ध जनों की महापंचायत संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता एडवोकेट विजय कुमार ने की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह/ विधिक सलाहकार संयुक्त किसान मोर्चा शामिल हुए।
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उन्होंने कहा 155 साल पुरानी व्यवस्था को लागू करने वाले लोगों को कम से कम इतना तो जरूर सोचना चाहिए कि आप आजादी के 75 वर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद भी आप लोग 155 वर्ष पुरानी व्यवस्था इस क्षेत्र में लागू करना चाहते हैं। जिसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लोगों का जिस तरीके से शोषण किया गया, इसको अब यह समाज किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के राष्ट्रीय संयोजक दौलत कुवर ने कहा 22 अक्टूबर को साहिया के समाल्टा गांव में संपन्न हुई ठाकुरों की महापंचायत गैर संवैधानिक थीं। जिसका उद्देश्य आरएसएस के एजेंडा को गांव गांव तक पहुंचाना था। ठाकुरों के द्वारा बुलाई गई पंचायत के बारे में लोगों को सोचना चाहिए। ये लोग अनुसूचित जनजाति का तो लाभ लेते हैं, लेकिन व्यवस्था आज भी आजादी से पहले की लागू करना चाहते हैं। लोक कला मंच के संयोजक नंदलाल भारती ने अनुसूचित जाति के लोगों के साथ हो रहे अत्याचार पर प्रकाश डाला। सामाजिक कार्यकर्ता जबर वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अषाड़ सिंह पूर्व प्रधान, सनी राम, दीवान सिंह, सतीश कुंवर, शुभम कुमार, विक्रम सिंह, अनिल कुमार, बलवीर सिंह, राजेश कुमार, विकास जौनसारी, गेंदा राम, बलदेव, शशि कुमार, मुन्ना राम, गजेंद्र सिंह, शेर सिंह भारती, चतर सिंह, चंद्र सिंह, यशपाल सिंह, पवन कैंतूरा, सतगुरु राम, निकु बजरंगी, शांति प्रकाश, सज्जू राम, भूमि राम, टीकम कुमार, बलवीर आदि उपस्थित रहे।
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