खास बात यह है कि ई वाउचर केवल उन्हीं पशुपालकों को मिलेगा, जिन्होंने अपने पशुओं के कान में लेजर प्रिंटेड पॉली यूरेफेन ईयर टैग लगा रखा है। पशुपालन विभाग ने हाल ही में हरिद्वार जिले में करीब ढाई लाख पशुओं को ईयर टैग लगाया है। इस ईयर टैग में 12 अंकों का बार कोड है। इसे स्कैन करते ही पशु और उसके मालिक से संबंधित सभी जानकारी मिलती है।
पारदर्शी होगी व्यवस्था, अनियमितता रुकेगी
जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि ई वाउचर मिलने के बाद पशु से संबंधित खर्च की अदायगी ऑनलाइन होगी। इससे पूरा सिस्टम न केवल पारदर्शी होगा बल्कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर विराम लगेगा। इससे ऑनलाइन कामकाज को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही पशुओं से संबंधित व्यवस्थित डाटा विभाग के पास होगा।