गढ़वाल रेजीमेंट की सबसे पुरानी बटालियन द्वितीय गढ़वाल राइफल्स के पूर्व सैनिकों ने बटालियन का 122वां स्थापना दिवस और 107वां युद्ध सम्मान दिवस धूमधाम से मनाया। गढ़ी कैंट स्थित 12वीं गढ़वाल राइफल्स के मैदान में आयोजित समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि मसूरी विधायक गणेश जोशी और बटालियन के सेवानिवृत्त अधिकारी कर्नल डीपीएस कठैत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सभी पूर्व सैनिकों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले बटालियन के वीर सैनिकों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्य अतिथि गणेश जोशी ने वीर नारियों को सम्मानित किया और सभी पूर्व सैनिकों और उनके स्वजन को स्थापना दिवस और युद्ध सम्मान दिवस की बधाई दी। समिति के अध्यक्ष सूबेदार सुरेंद्र सिंह गुसाई ने बटालियन के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बटालियन की स्थापना 01 मार्च 1901 को लैंसडौन में की गई थी। बटालियन ने प्रथम विश्व युद्ध में शौर्य और वीरता के नए आयाम स्थापित किए। राइफलमैन गबर सिंह नेगी को फ्रांस में न्यूव चैपल की लड़ाई में उनकी उत्कृष्ट बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रास से सम्मानित किया गया। आजादी के बाद भी आंतरिक सुरक्षा और युद्ध में बटालियन का योगदान अहम रहा है। पूर्व सैनिक और उनके स्वजन 12वीं गढ़वाल राइफल्स के बैंड की धुन पर जमकर थिरके। इस दौरान कर्नल अरुण मुखर्जी, मेजर राम सिंह रावत, जयपाल सिंह नेगी, बालेन्द्र सिंह नेगी, आनरेरी कैप्टन सुरेंद्र कनवासी, आनरेरी सूबेदार मेजर उमेश नौटियाल, सूबेदार हीरा सिंह, समिति के कोषाध्यक्ष सूबेदार कैलाश कोटनाला, सचिव नायक सुभाष नौडियाल, उपसचिव कैप्टन दर्शन सजवाण आदि उपस्थित थे।