चकराता रोड के आदर्श नगर में एडवरटाइजर्स एसोसिएशन अध्यक्ष सरदार जय सिंह, पत्नी कुलवंत कौर, गोद ली गई गर्भवती बेटी हरजीत कौर और तीन साल की नातिन सुखमणि का शव शुक्रवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद महंत इंदिरेश अस्पताल की मोर्चरी में रख दिए गए। शनिवार सुबह सवा दस बजे तीन एंबुलेंस के जरिए चारों शव आदर्श नगर स्थित आवास लाए गए।
परिक्रमा के बाद पार्थिव शरीर आढ़त बाजार गुरुद्वारे ले जाया गया। लक्खीबाग स्थित शमशान घाट पर अंतिम दर्शन के दौरान परिजन और रिश्तेदार एक साथ चार शवों के अंतिम संस्कार करते वक्त फूट-फूट कर रोने लगे। जय सिंह और कुलवंत कौर को उनके बड़े भाई सरदार जोगिंदर सिंह और बेटी हरजीत को बेटे कंवलजीत ने मुखाग्नि दी।
मां हरजीत कौर की गोद में ही बेटी सुखमणि को लिटाकर अंतिम क्रिया पूरी की गई। इस दौरान हरजीत की मां और पति अरविंदर रो-रो कर पूरी तरह बदहवास हो चुके थे। गमगीन माहौल देखकर लोगों की पलकें भी नम हो गईं।
कड़ी सुरक्षा में हत्यारोपी बेटे को जेल ले गई पुलिस
हत्या के आरोपी बेटे हरमीत सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कोर्ट परिसर में आक्रोशित परिजनों का जमावड़ा देखते हुए पुलिस बगैर कोई आमना-सामना कराए हरमीत को लेकर जेल की ओर बढ़ गई।
पुलिस ने हत्याकांड में हरमीत को इकलौता आरोपी होने का दावा दोहराया है। वहीं, परिजनों का मानना है कि पूरे मामले के पीछे कोई और दिमाग काम कर रहा है।
कैंट पुलिस ने शनिवार को मेडिकल के बाद हरमीत सिंह को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। यहां उसे 14 दिन की ज्यूडीशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपी को देखने बड़ी संख्या में लोग कोर्ट परिसर में जुटे थे। हमले की आशंका के चलते पुलिस हरमीत को लेकर पहले ही निकल गई।
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हरजीत के गर्भ में आठ से नौ माह का बच्चा होने से मुकदमे में धारा 316 बढ़ा दी गई है। जांच में अब तक किसी और की संलिप्तता उजागर नहीं हुई है।
जीजा को भी दिवाली पर दिया था न्यौता
दिवाली से एक दिन पहले हरमीत ने यमुनानगर में जीजा अरविंदर को भी फोन कर दून बुलाया था। उसने कहा था कि दीदी तो आ गई है, दिवाली पर वह भी आ जाए। मगर त्योहार के दौरान कारोबार में बिजी होने के नाते अरविंदर नहीं आए।
कमरे से मिली आपत्तिजनक वस्तुएं
हरमीत के कमरे की तलाशी में कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिली हैं। इनमें नशे के अलावा दूसरे सामान भी हैं। पुलिस ने उन्हें कब्जे में लेकर सील कर दिया है।
चश्मदीद समेत कई के बयान दर्ज
आरोपी पर कानूनी फंदा कसने के लिए पुलिस ने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। विवेचक इंस्पेक्टर वीके जेठा ने चश्मदीद हरमीत के भांजे कंवलजीत, उसके पिता अरविंदर सिंह समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं। कंवलजीत की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
यह है मामला
दिवाली की रात आदर्श नगर स्थित मकान में हरमीत सिंह ने अपने पिता सरदार जय सिंह, सौतेली मां कुलवंत कौर, गर्भवती बहन हरजीत कौर और तीन साल की भांजी सुखमणि की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। हरमीत ने घर में मौजूद भांजे कंवलजीत को छोड़ दिया था। हालांकि पकड़े जाने के बाद आरोपी हरमीत ने गुनाह कबूल लिया है।
सहमा हुआ है 7 साल का कंवलजीत
नाना, नानी, मां और बहन की लाश के बीच कातिल मामा हरमीत के साथ घंटों रहा सात वर्ष का कंवलजीत अब तक खौफजदा है। शनिवार को परिवार के साथ वह श्मशान घाट पर आया था। अपनों के बीच भी वह बेहद गुमसुम नजर आया।
हर किसी ने कोसा
कारोबारी जय सिंह के परिवार से हुई इस अनहोनी पर हर कोई विचलित था। श्मशान घाट पर बिलख रहे महिला और पुरुषों के मुंह से हरमीत के लिए सिर्फ बद्दुआएं निकली। आरोपी के लिए नौजवानों में सबसे ज्यादा आक्रोश दिखा।
संपत्ति पर पहले भी हो चुकी है खटपट
जय सिंह के घर संपत्ति बंटवारे को लेकर पहले भी खटपट हो चुकी है। हरजीत के पति सरदार अरविंदर ने बयान में इस घटनाक्रम पर अनभिज्ञता जताई है, लेकिन यह जरूर कहा कि संपत्ति को लेकर हरमीत की पहले भी कई बार पापा जी की खटपट हुई थी।