कुंभ के दौरान राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के हाथी बाहर निकलकर आबादी क्षेत्र में न दाखिल हो सकें और तीर्थ यात्रियों के साथ ही जिला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों को मुसीबत न खड़ी कर सकें, इसके लिए हाथियों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 16 हाथियों को रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। ये अक्सर जंगल से निकलकर आबादी में दाखिल हो जाते हैं। रेडियो कॉलर लगाने की केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय ने मंजूरी भी दे दी है।
पार्क निदेशक डीके सिंह ने बताया कि हाथी कुंभ क्षेत्र व आसपास के इलाकों में न दाखिल हो सकें इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। फिलहाल उन 16 हाथियों को चिन्हित कर लिया गया है जो अक्सर हरिद्वार व आसपास के इलाकों में आबादी क्षेत्र में दाखिल हो जाते हैं। इन हाथियों को रेडियो कॉलर लगाए जाने को लेकर मंत्रालय से अनुमति मांगी गई थी और मंत्रालय ने रेडियो कॉलर लगाए जाने को लेकर अनुमति भी दे दी है।
पहले चरण में 10 हाथियों को रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। जबकि दूसरे चरण में छह हाथियों को रेडियो कॉलर लगाया जाएगा। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जाएगी। साथ ही अधिकारियों की अगुवाई में कई टीमों को भी लगाया जाएगा।
बता दें कि जंगल से निकलकर हाथी कई बार हरिद्वार में दाखिल होकर न सिर्फ दर्जनभर लोगों की जान ले चुके हैं। वहीं टाइगर रिजर्व के साथ ही वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के लिए मुसीबत खड़ी कर चुके हैं। कई साल पूर्व जब एक हाथी ने हरिद्वार व आसपास के दर्जन भर से अधिक गांव में कोहराम मचाया था तो मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के आदेश पर उस हाथी को गोली से मारना पड़ा था।