देश में सवा लाख लोग दृष्टिबाधा से जूझ रहे
डॉ. सुशील ओझा ने बताया कि देश में रोजाना लाखों लोगों की मौत हो रही है, लेकिन नेत्रदान सिर्फ हजारों में हो रहा है। पिछले वर्ष के आंकड़े देखें तो भारत में 25,000 कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए गए और 50,000 अंधेपन के नए केस आ गए। अभी करीब सवा लाख लोग भारत में दृष्टिबाधित हैं।
दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि उनकी संस्था बने 17 महीने हो चुके हैं। इसमें 200 लोग नेत्रदान कर चुके हैं। छह लोगों की मृत्योपरांत आंख की कॉर्निया ली जा चुकी है। उनकी कॉर्निया से दूसरे व्यक्ति दुनिया देख रहे हैं।
दून अस्पताल में जल्द खुलेगा आई ब्लड बैंक
दून अस्पताल में जल्द आई ब्लड बैंक शुरू होने वाला है। ऐसे में यहां पर कॉर्निया ट्रांसप्लांट भी हो सकेगा। अभी कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों को ऋषिकेश एम्स जाना पड़ता है। दून के किसी सरकारी अस्पताल में आई ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं है। मृत्यु उपरांत छह से आठ घंटे के अंदर कॉर्निया लेना पड़ता है।