कांग्रेस छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पुरोला क्षेत्र से विधायक राजकुमार ने इस्तीफा दे दिया। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को उन्होंने इस्तीफा सौंपा, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया है। विधायक पद से इस्तीफा देने से अब दलबदल कानून लागू नहीं होगा।
उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा सीट से राजकुमार ने वर्ष 2017 में कांग्रेस से चुनाव लड़ा था और विधायक चुने गए थे। हाल ही में कांग्रेस छोड़कर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की थी। प्रदेश कांग्रेस की ओर से मांग की गई थी कि राजकुमार की सदस्यता समाप्त करने के साथ ही वर्ष 2022 के चुनाव के लिए भी अयोग्य घोषित किया जाए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भी विधायक राजकुमार के खिलाफ दलबदल कानून के तहत विधानसभा में याचिका दायर की थी।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना था कि राजकुमार 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए थे। जो विधानसभा की सदस्यता से विधिवत इस्तीफा दिए बिना भाजपा में शामिल हो गए। यह सांविधानिक रूप से गलत है। इससे पहले कि विधायक पर दलबदल कानून के तहत किसी तरह की कार्रवाई होती, राजकुमार ने विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया।
पुरोला से विधायक राजकुमार ने त्याग पत्र दे दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। स्वेच्छा से कोई भी विधायक इस्तीफा दे और विधानसभा अध्यक्ष स्वीकार कर लें तो दलबदल कानून लागू नहीं होता है।
-प्रेमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष विधानसभा
कांग्रेस में रहते क्षेत्र का जो विकास करना चाहता था, नहीं कर पाया। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित हूं। भाजपा समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सोच रखने वाली पार्टी है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह से किसी तरह को कोई मतभेद नहीं है। पुरोला की जनता के लिए मैंने यह कुर्बानी दी है।
-राजकुमार