अदालत ने नारी निकेतन में मूक बधिर संवासिनी से दुराचार करके उसे गर्भवती करने के आरोपी केयर टेकर और होमगार्ड को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञ के जरिए हुए धारा 164 (सीआरपीसी) के बयान पर आपत्ति जताई है।
अदालत ने सारे पेपर देखने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने की अनुमति दी। उधर भ्रूण से आरोपियों के डीएनए मिलान के लिए आरोपियों के सैंपल लेने के प्रार्थना पत्र पर अब बुधवार को सुनवाई होगी।
देहरादून के नारी निकेतन में संवासिनी को दुराचार कर गर्भवती बनाने और गर्भपात कराने के मामले में मंगलवार शाम पुलिस ने नारी निकेतन के केयर टेकर हाशिम और होमगार्ड ललित कुमार बिष्ट को गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस का कहना था कि दोनों ने अलग-अलग समय संवासिनी से दुराचार किया था।