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Coronavirus: उत्तराखंड में आज मिले 73 कोरोना पॉजिटिव मरीज, कुल संक्रमितों की संख्या हुई 317

Sun, 24 May 2020 09:48 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : फाइल फोटो
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उत्तराखंड में आज कोरोना संक्रमण के 73 नए मामले सामने आए हैं। नैनीताल जिले में दूसरे दिन भी महाराष्ट्र से ट्रेन से आए 32 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए।  इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 317 पहुंच गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है।

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उन्होंने बताया कि आज प्रदेश 943 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। जबकि 1120 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 58 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन तीनों की ही मौत का कारण कोरोना नहीं था। अन्य कारणों से मरीजों की मौत हुई है।


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, देहरादून जिले में 12 संक्रमित मिले। इनमें संक्रमित आढ़ती का मुनीम, मृतका गर्भवती महिला, ऋषिकेश में एक नर्सिंग आफिसर, एक दिल्ली का टैक्सी चालक और तीन मरीज शामली, रामपुर, मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। जबकि एक निजी लैब में मिला है। देर शाम मिले चार मरीजों में एक मरीज का तीमारदार और तीन संक्रमित मुंबई से आए हैं।
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पौड़ी जिले में मुंबई से आए एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला। चमोली जिले में आठ संक्रमित मिले हैं। पहले से संक्रमित व्यक्ति के परिवार के तीन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक व्यक्ति में संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से संक्रमण मिला है। जबकि दिल्ली से आए चार संक्रमित मरीज एक ही परिवार के हैं।

टिहरी जिले में मुंबई से लौटे तीन लोग संक्रमित मिले हैं। चंपावत में मुंबई से आया एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया। अल्मोड़ा में संक्रमित मिले पांच में से दो मरीज मुंबई और तीन गुरुग्राम से आया है। बागेश्वर में दो मरीज मिले हैं, एक मरीज दिल्ली और दूसरा अहमदाबाद से आया है। ऊधमसिंह नगर जिले में नौ व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया, इनमें से आठ मुंबई से लौटे हैं, एक संपर्क में आने से संक्रमित हुआ।

नैनीताल में दो दिन के अंदर 117 केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में भी हहड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि उत्तराखंड में शनिवार को एक ही दिन में 91 कोरोना मरीज सामने आए थे। वहीं अब राज्य कोई भी जिला कोरोना संक्रमण से अछूता नहीं रह गया है।

आज आए संक्रमितों का ब्योरा
देहरादून-      12
नैनीताल-      32
चमोली -       08
बागेश्वर -      02
टिहरी-          03
पौड़ी-           01
चंपावत-      01
अल्मोड़ा-     05
यूएस नगर - 09

जिलेवार कुल संक्रमित मरीजों की आंकड़ा

जिला            संक्रमित मरीज
देहरादून              75
हरिद्वार                14
उत्तरकाशी             10
अल्मोड़ा               12
चंपावत                 08
टिहरी                   09
बागेश्वर                 08
पौड़ी                      07
रुद्रप्रयाग                03
पिथौरागढ़              02
चमोली                  09
नैनीताल               117
ऊधमिसंह नगर      43

संक्रमण में नैनीताल ने देहरादून को पीछे छोड़ा

कोरोना संक्रमण के मामले में नैनीताल ने देहरादून को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार को संक्रमण में बने नए रिकॉर्ड से नैनीताल जनपद प्रदेश में नंबर वन पर आ गया है। पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में आने से सोमवार को कई जिलों की ऑरेंज और ग्रीन जोन की श्रेणी बदल सकती है।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण पहला संक्रमित मामला दून में 15 मार्च को मिला था। बीते शुक्रवार तक देहरादून संक्रमित मामलों के आधार पर सबसे आगे था, लेकिन शनिवार को नैनीताल जिले में एक दिन में 57 कोरोना संक्रमित मिलने से देहरादून पीछे छूट गया है। वहीं, आज 32 मामले आए हैं।  नैनीताल में कुल संक्रमितों की संख्या 117 पहुंच गई है, जबकि देहरादून में यह संख्या 71  पर पहुंच गई है।

प्रत्येक जिले में क्वारंटीन बेड की क्षमता बढ़ाने पर फोकस

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक जिले में क्वारंटीन बेड क्षमता बढ़ाने पर फोकस किया है। इस संबंध में विभाग की ओर से जिलों को निर्देश भी दिए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 21 हजार क्वारंटीन बेड की सुविधा है और बाहरी राज्यों से आए 15500 लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है। प्रदेश में बाहरी राज्यों से लगभग डेढ़ लाख से अधिक प्रवासी उत्तराखंड लौटे चुके हैं।

अभी प्रवासियों के आने का सिलसिला जारी हैं। बाहरी राज्यों के रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन करने के लिए जगह कम न पड़ जाए। इसके लिए सभी जिलों में सुविधायुक्त क्वारंटीन की सुविधा बढ़ाने के जिलों को निर्देश दिए गए हैं।

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि सभी जिलों को क्वारंटीन बेड की क्षमता बढ़ाने को कहा गया है। जिससे बाहरी राज्यों से आ रहे लोगों को निगरानी के लिए 14 दिन क्वारंटीन में रखा जा सके। वर्तमान में लगभग 15500 लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है।
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प्रदेश में कोविड से नहीं हुई कोई मौत:सीएम

प्रदेश के  मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिह रावत ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कोविड-19  संबंधी कार्यों, आवश्यकता और तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक 2 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है, लेकिन उनकी मौत की वजह कोविड नहीं था, वह दूसरी बीमारियों से मरे।

रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी के साथ श्रीनगर मेडिकल पहुंचे। यहां उन्होंने सभागार में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों की बैठक ली। बैठक की शुरुआत करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम  रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से  कोविड -19 से बचाव और  कोविड जांच की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।

उन्होंने बताया कि कोविड जांच लैब में 3 मई से अब तक पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के 670 नमूनों की जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  कोविड 19 सिर्फ बीमारी ही नहीं है। बल्कि इस महामारी का असर धीरे-धीरे समाज में आएगा। इसलिए सभी को हर तरह से तैयार रहना होगा। आज से 5 दिन पहले कम कोरोना पॉजिटिव के चलते उत्तराखंड अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में था। लेकिन  गुजरात, महाराष्ट्र हरियाणा व राजस्थान आदि प्रदेशों से प्रवासी आने से चुनौती बढ़ गई है। लेकिन हमारा प्रदेश कोरोना से निपटने में निश्चित रूप से सफलता हासिल करेगा।

इसके लिए  हमारी टीम और  हमारी रणनीति बेहतर हो। उन्होंने  कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की बाहर से आने वाले लोगों का मानकों के अनुसार परीक्षण हो। सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो। जो कोरोना पॉजिटिव नियमों का उल्लंघन करें, उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए।  किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर शासन को अवगत कराया जाए।

सचिव वित्त नेगी ने बताया कि छोटे-छोटे कार्य एचओडी स्वयं करा सकते हैं। इसके लिए 20 लाख रुपये तक के वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। उनछ्होंने डीएम  धीराज सिंह गर्ब्याल को जिला योजना के तहत भी बेस अस्पताल में  कार्य करवाने के निर्देश दिए। प्राचार्य प्रो. रावत ने  चिकित्सालय व्यवस्था और  बाहरी सुरक्षा संबंधी मांग की। बैठक में सीएमओ डॉ. मनोज बहुखंडी, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, सीडीओ हिमांशु खुराना और मेडिकल कॉलेज के वित्त नियंत्रक विवेक स्वरूप आदि मौजूद थे।
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