नेताओं के डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार के लिए अलग गाइडलाइंस होंगी। कोई भी नेता केवल पांच लोगों(सुरक्षाकर्मी को छोड़कर) के साथ डोर-टू-डोर प्रचार कर सकेगा। किसी भी रोड शो में प्रत्याशी केवल दस वाहनों का प्रयोग कर सकेगा। इनमें पांच-पांच वाहनों के बीच आधे घंटे की दूरी जरूरी होगी।
इसी प्रकार, सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को ऐसी जगहों का चुनाव करना होगा, जहां कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए जनसभा का आयोजन किया जा सके। इन सभी जगहों पर सोशल डिस्टेसिंग के पूरे इंतजाम रहेंगे। हर जिले के डीएम और एसएसपी की यह जिम्मेदारी होगी कि इन जनसभा वाली जगहों पर वह सरकार की एसओपी के तहत निर्धारित से अधिक संख्या में लोगों को न आने दें। हर जनसभा के दौरान न केवल नेताओं बल्कि उसमें शामिल होने वालों की भी थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य तौर पर होगी।
चुनाव खर्च के साथ कोविड प्रोटोकॉल पर भी रहेगी आयोग की नजर
प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की नजर इस बार चुनाव खर्च पर ही नहीं बल्कि कोविड प्रोटोकॉल पर भी होगी। इसके लिए आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। हर जिले के डीएम-एसएसपी के स्तर से भी नेताओं के चुनाव प्रचार में कोविड प्रोटोकॉल पर नजर रखी जाएगी। कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
ऐसे होगी मतगणना
चुनाव की पूरी प्रक्रिया के बाद मतगणना की प्रक्रिया भी कोविड की सख्त गाइडलाइंस के तहत होगी। एक काउंटिंग हॉल में सात से अधिक काउंटिंग टेबल नहीं लग सकेंगी। किसी भी जगह कंट्रोल यूनिट या वीवीपैट को रखने और इस्तेमाल करने से पहले सैनिटाइज करना होगा।