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उत्तराखंड में कोरोना: 18 नए संक्रमित मिले, एक भी मरीज की मौत नहीं, 32 हजार लोगों को लगी वैक्सीन

Sun, 08 Aug 2021 09:51 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने लगी है। रविवार को प्रदेश के तीन जिलों बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है।
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कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
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उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 18 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 46 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 463 पहुंच गई है। 

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कुंभ कोविड जांच फर्जीवाड़ा: बिना जांच किए केवल कोरोना की जांच रिपोर्ट दे रही थी लैब्स

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 17116 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीन जिलों बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक-एक, देहरादून में छह व हरिद्वार, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में दो-दो मरीज सामने आए हैं।  
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प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 342392 हो गई है। इनमें से 328522 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7367 लोगों की जान जा चुकी है। 

दून में सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज
सबसे ज्यादा देहरादून में 191 मरीज एक्टिव हैं। इसके अलावा उधमसिंह में 31, पिथौरागढ़ में 58, चमोली में 52, रुद्रप्रयाग में 32, नैनीताल में छह, चंपावत में 26, हरिद्वार में 10, पौड़ी गढ़वाल में 15, उत्तरकाशी में 18, अल्मोड़ा में छह, बागेश्वर में 13 और टिहरी में सबसे कम पांच मरीज एक्टिव हैं।

32 हजार को दी कोरोना वैक्सीन
प्रदेश में बीते 24 घंटे के अंदर 32,995 लोगों को वैक्सीन दी गई है। प्रदेश में अब तक 50 लाख 38 हजार 435 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। 15 लाख 82 हजार 205 को दोनों डोज दी जा चुकी हैं। 18 से 44 आयु वर्ग में अभी तक एक लाख नौ हजार 440 लोगों को दोनों डोज दी जा चुकी हैं।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण दर घटी
प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर निम्न स्तर पर पहुंच चुकी है। एसडीसी फाउंडेशन ने कोविड संक्रमण दर का विश्लेषण जारी किया है, जिसमें इसे अब तक का सबसे निचला स्तर बताया गया है। एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने बताया कि 16 मई के बाद से लगातार कोरोना संक्रमण का ग्राफ नीचे की ओर जा रहा है। उन्होंने बताया कि नौ से 15 मई के बीच प्रदेश में कोविड पॉजिटीविटी रेट 22.67 प्रतिशत था।

30 मई से पांच जून के बीच यह दर 3.19 प्रतिशत पर पहुंच गई। जुलाई में लगातार इसमें गिरावट देखने को मिली है। जहां चार से 10 जुलाई के बीच यह दर 0.26 प्रतिशत थी, वहीं 11 से 17 जुलाई को यह 0.18 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसके बाद 18 से 24 जुलाई के बीच यह दर 0.15 प्रतिशत, 25 जुलाई से 31 अगस्त के बीच 0.25 प्रतिशत पहुंची लेकिन अब एक अगस्त से सात अगस्त के बीच यह दर 0.14 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई है। दिसंबर 2020 से लेकर अब तक की यह सबसे कम संक्रमण दर है। 

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बिना लगे मोबाइल पर आया टीका लगने का मैसेज

खानपुर में एक युवक ने सीएमओ को पत्र भेजकर बिना कोविड टीका लगवाए ही मोबाइल पर वैक्सीनेशन कराने का मैसेज आने की शिकायत की है। उसका कहना है कि टीकाकरण का  प्रमाणपत्र भी डाउनलोड हो गया।

भोगपुर गांव निवासी मोहित कुमार ने हरिद्वार सीएमओ को पत्र भेजकर बताया कि उन्होंने टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। शनिवार सुबह स्लॉट बुक किया तो बालावाली में कोविड टीकाकरण कराने के लिए दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक का समय दिया गया।

जब वह बालावाली के राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर पहुंचे तो पता चला कि वहां टीकाकरण केंद्र नहीं चल रहा है। इसके बाद वे लौट आए। इसी दौरान उनके मोबाइल पर कोविड टीकाकरण कराए जाने का मैसेज आ गया।

इतना ही नहीं, प्रमाणपत्र भी डाउनलोड हो गया। मामले में सीएचसी खानपुर के प्रभारी डॉ. विनीत कुमार ने कहा कि टीम से गलती से मोहित का नाम वैरिफाई हो गया है। टीम को निर्देश दिया है कि वह मोहित को फोन कर केंद्र पर बुलाकर टीका लगाए। 
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