शनिवार को मोरी सांकरी से होते हुए ओसला से बालीपास टॉप के बाद बंगाल, हरियाणा और दिल्ली का करीब 60 सदस्यीय ट्रेकिंग दल यमुनोत्रीधाम पहुंचा। ट्रेकिंग से तालुक रखने वाले खरशाली गांव के अनोज उनियाल ने बताया कि छह दिन के इस ट्रेक से अभी तक सौ से अधिक पर्यटक बालीपास से होते हुए यमुनोत्री पहुंचे हैं।
वहीं शनिवार को यमुनोत्रीधाम सहित आसपास धूप खिली रही। यमुनोत्री हाईवे व पैदल मार्ग पर आवाजाही हो रही है। केदारनाथ यात्रा सुचारू है। सोनप्रयाग से अब तक 792 यात्री धाम के लिए रवाना हो चुके हैं।
4587 तीर्थयात्री पहुंचे चारों धाम
शनिवार को यमुनोत्रीधाम में करीब 700, बदरीनाथ धाम में 1412 और हेमकुंड साहिब में 979 भक्तों ने दर्शन किए। शुक्रवार को चारों धामों में 4587 तीर्थयात्री पहुंचे। बदरीनाथ धाम में 1274, केदारनाथ में 2392, गंगोत्री में 528 और यमुनोत्री में 393 तीर्थयात्री पहुंचे। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि 18 सितंबर से 8 अक्तूबर तक 57065 तीर्थयात्री चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने से यात्रा पड़ावों पर भी चहल-पहल बनी है। वहीं, हेमकुंड साहिब में शुक्रवार को 968 तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के दर्शन किए।
केदारनाथ में गर्भगृह से बाबा के स्वयंभू लिंग के दर्शन की अनुमति मिलने के बाद अब श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश कर बाबा के दर्शन कर रहे हैं। साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
बीते 5 अक्तूबर को 1500, 6 अक्तूबर को 2300 और 7 अक्तूबर को 2530 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। उधर, तृतीय केदार तुंगनाथ में बीते 17 मई से अभी तक 1300 से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं।
देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी व यात्रा प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण ने बताया कि ई-पास की व्यवस्था खत्म होने के बाद से केदारनाथ में भक्तों को गर्भगृह से दर्शन कराए जा रहे हैं, लेकिन कोविड-19 के तहत स्वयंभू लिंग पर घी, चंदन का लेपन प्रतिबंधित है।
दूसरी तरफ यात्रियों की संख्या बढ़ने से केदारघाटी के बाजारों में रौनक लौट आई है। श्रीकेदार धाम होटल एसोसिएशन के सचिव नितिन जमलोकी ने बताया कि बीते चार दिन से होटलों को अच्छी बुकिंग मिलने लगी है।