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फिर गरमाया हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ्ट करने का मुद्दा, बार एसोसिएशन ने जताया तीखा विरोध

Fri, 21 Jun 2019 10:16 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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नैनीताल हाईकोर्ट
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उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ्ट करने का मुद्दा अब और गरमा गया है। बार एसोसिएशन ने विरोध और तीखा कर दिया है। अधिवक्ताओं की नाराजगी इस मुद्दे पर लोगों से राय मांगने पर भी है। इनका कहना है कि इस तरह का कदम उठाने से पहले अधिवक्ताओं को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। 

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कुछ दिन पहले ही उच्च न्यायालय उत्तराखंड की वेबसाइट पर उच्च न्यायालय को नैनीताल से शिफ्ट करने पर लोगों के सुझाव मांगे गए थे। इसके बाद से ही हाईकोर्ट को शिफ्ट करने का मुद्दा गरमा गया। बृहस्पतिवार को बार अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई आम सभा में कहा गया कि हाईकोर्ट को कहीं शिफ्ट नहीं किया जाएगा।

महासचिव जयवर्धन कांडपाल ने कहा कि बार एसोसिएशन को विश्वास में लिए बिना जनता से राय मांगना गलत है। अधिवक्ता दुर्गा सिंह मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट के मामले में बेवजह भ्रम फैलाया जा रहा है। पूर्व अध्यक्ष नदीम मून ने कहा कि पहली बार संवैधानिक संस्था की ओर से असंवैधानिक कदम उठाया गया है। 
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अधिवक्ता पीएस सौन ने कहा कि वे हाईकोर्ट शिफ्ट नहीं होने देंगे। पूर्व सचिव टीएस फर्त्याल ने कहा कि हाईकोर्ट को राजनीति का दफ्तर बनाने की निंदा होनी चाहिए। शिफ्ट करना जरूरी है तो हाईकोर्ट को चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी शिफ्ट किया जाए। पूर्व सचिव सीएस रावत ने कहा कि माहौल खराब करने वालों का सामाजिक बहिष्कार हो।

योगेश पंचोलिया ने कहा कि नैनीताल हाईकोर्ट पहाड़ में स्थापित एकमात्र राज्य स्तरीय संस्थान है। वरिष्ठ अधिवक्ता पुष्पा जोशी, अधिवक्ता सीके शर्मा, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, चेतन जोशी, भुवनेश जोशी, कमलेश तिवारी, बीबी शर्मा, विपुल पैन्यूली, मनोज भट्ट, सौरभ अधिकारी,  एमसी पंत, श्रुति जोशी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।

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