कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल ने बर्फबारी के बीच लिपुपास से चीन तिब्बत सीमा में प्रवेश कर लिया है। चीनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ यात्री सकुशल तकलाकोट पहुंच गए हैं। तकलाकोट से यात्री शनिवार को दार्चिन के लिए रवाना होंगे।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी की मेडिकल, संचार और महिला कमांडो दस्ते ने यात्रियों को चीनी सुरक्षा एजेंसियों के सुपुर्द किया। लिपुपास में यात्रियों के वीजा, सामान आदि की जांच के बाद दल 8:15 बजे करीब 200 मीटर पैदल चल उसके बाद वाहनों में चीन की व्यापारिक मंडी तकलाकोट को रवाना हुआ।
11:15 बजे यात्री सकुशल तकलाकोट पहुंच गए। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार यात्री शुक्रवार को भी तकलाकोट में ही विश्राम करेंगे। शनिवार को यात्री दार्चिन को रवाना होंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्र लिपुपास में अभी तीन फीट तक बर्फ जमा है। बृहस्पतिवार सुबह भी बर्फबारी हुई।
दूसरे दल के यात्री नाबी पहुंचे
कैलाश यात्रा के दूसरे दल के 45 यात्री बृहस्पतिवार को गुंजी से नाबी गांव पहुंचे। यात्री यहां होम स्टे करेंगे। साथ ही यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में खुद के स्वास्थ्य को अनुकूल करने का मौका मिलेगा। नाबी से वापसी में यात्रियों का गुंजी में मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। मेडिकल जांच में स्वस्थ पाए जाने पर उन्हें आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी।