ऐसे में वाहनों की आवाजाही सैकोट सड़क से करवाई जा रही है। लेकिन वाहनों के भारी दबाव के कारण रविवार सुबह 10 बजे यहां भी लंबा जाम लग गया, जो दोपहर तीन बजे तक सुचारु हो पाया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि वाहनों की आवाजाही के लिए सैकोट सड़क पर वनवे सिस्टम कर लिया गया है। एक-एक घंटे में वाहनों को छोड़ा जा रहा है।
जिले के प्रभारी सचिव भी जाम में फंसे
नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण सड़क पर लगे जाम में जिले के प्रभारी सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी भी फंसे रहे। यह सड़क कई जगहों पर संकरी है, जिससे दोनों ओर से वाहनों के आने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। रविवार को दोपहर करीब दो बजे प्रभारी सचिव जनपद के विभिन्न गांवों में भ्रमण करने के पश्चात वापस जा रहे थे, लेकिन जाम में फंस गए।