अस्पताल प्रशासन को झेलना पड़ा परिजनों का आक्रोश
इस मामले में जिला अस्पताल प्रशासन को महिला के परिजनों का आक्रोश भी झेलना पड़ा। उन्होंने आरोेप लगाया कि जब अस्पताल में चिकित्सकों की कमी थी, तो ऑपरेशन के लिए क्यों कहा गया। समय रहते अगर उनके मरीज को रेफर कर दिया जाता तो यह नौबत नहीं आती। महिला के पति बाल सिंह राणा, व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, विपिन कंडारी, ग्राम प्रधान संदीप भंडारी ने बताया कि उन्होंने चिकित्सक को भी मरीज के साथ एम्स जाने के लिए दबाव बनाया, जिस पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग धनिक ने परिजनों के साथ ही डॉ. पिमोली को भी एम्स भेज दिया।
महिला के पेट में बच्चेदानी के पास ट्यूमर था। ऑपरेशन के दौरान देखने को मिला कि ट्यूमर से बहुत अधिक रक्तस्राव हो रहा है। यदि इसे छेड़ते तो मरीज की जान को खतरा हो सकता था। जिस कारण मरीज को हेली एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया है।
- डॉ. अनुराग धनिक, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल, गोपेश्वर, चमोली