20 सितंबर को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ब्रह्मलीन हो गए थे। उनके आकस्मिक निधन के बाद परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह शास्त्री बतौर कार्यवाहक अध्यक्ष परिषद के कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
अखाड़ों की ओर से नए अध्यक्ष के चयन का लगातार दबाव बन रहा है। सभी 13 अखाड़ों के श्रीमहंत, महामंडलेश्वर और खालसों में अध्यक्ष पद के लिए होड़ मची है। कई अखाड़े पूरी कार्यकारिणी का नए सिर से चुनाव करने की वकालत कर रहे हैं, जबकि मौजूदा कार्यकारिणी का चयन इसी साल हुआ है। कार्यकारिणी का कार्यकाल 2026 तक है। ऐसे में परिषद के अध्यक्ष के रिक्त पद पर ही चयन होना है।
पहाड़ों में चिकित्सा स्वास्थ्य रोजगार के कार्य किए जाएंगे
श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि राज्य में हो रहे पलायन को रोकने के लिए पहाड़ों में चिकित्सा स्वास्थ्य रोजगार के कार्य किए जाएंगे। जिससे सीमा से सटे क्षेत्रों से पलायन को रोककर देश की सीमाएं सुरक्षित रखी जा सकें। इसके लिए सभी संत महंत जल्द ही कार्य योजना बनाकर कार्य करेंगे। इस दौरान उन्होंने अखाड़ा परिषद की नई कार्यकारिणी पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि 25 अक्तूबर को बैठक बुलाई गई है, उसमें जो निर्णय होगा, वह सर्वमान्य होगा।