देहरादून। एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत किसी भी कंपनी को परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद ओला-उबर समेत कई कंपनियों के वाहन शहर की सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। आरटीओ ने विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी के अनुसार परिवहन विभाग के प्रावधान के मुताबिक किसी भी कंपनी को टैक्सी का संचालन कराने के लिए नियमों के मुताबिक एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है। साथ ही निर्धारित शुल्क भी जमा करना होता है। संज्ञान में आया है कि ओला और उबर जैसी कंपनियां राजधानी व आसपास के इलाकों में टैक्सियों का संचालन करा रही हैं, लेकिन कंपनियों ने एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत पंजीकरण नहीं कराया है। इसके अलावा कुछ अन्य कंपनियां भी टैक्सियां संचालित करा रही है। ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बन रही है। जल्द ही ओला, उबर आदि कंपनियों को जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें, पिछले दिनों परिवहन विभाग ने ओला कंपनी को नोटिस जारी किया था। आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी की अगुवाई में डग्गामार वातानुकूलित बसों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी, जो ऑनलाइन यात्रियों की बुकिंग कर देहरादून से नई दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़ का सफर कराते थे।