स्मृति मंधाना ने कहा,‘पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए खेलने के लिए एक समान ही राज्य हैं। इसलिए जब पुरुषों का आईपीएल शुरू हुआ तो तब भी इतनी ही संख्या में राज्य थे। लेकिन साल दर साल खिलाड़ियों के खेल का स्तर बढ़ता ही गया। आज जो आईपीएल है, यह 10 या 11 साल पहले भी ऐसा ही था। मुझे लगता है कि महिलाओं के क्रिकेट के लिए भी यह समान ही है। हमारे पास क्रिकेट खेलने वाली उतनी ही खिलाड़ी हैं। अभी मुझे लगता है कि हम पांच या छह टीमों से अच्छी शुरुआत कर सकते हैं और शायद एक या दो साल में इसे आठ टीमों का कर सकते हैं। लेकिन जब तक हम इसे शुरू नहीं करते तब तक हम जान नही पाएंगे।’
बाद में बढ़ सकती हैं टीमें
मंधाना ने कहा,‘पांच-छह टीमों से हम शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन आठ टीमों के बारे में मैं निश्चित नहीं हूं कि यह कैसे होगी। लेकिन मुझे लगता है कि हमें पांच या छह टीमों से शुरू करने की जरूरत है ताकि हम जल्द ही आठ टीमों तक पहुंच सकें। मुझे लगता है कि जब तक हम शुरुआत नहीं करते, तब तक हम अपनी खिलाड़ियों को अलग तरह के स्तर तक पहुंचने के लिए ‘एक्सपोजर’ नहीं दे पाएंगे। मैं चार साल पहले बिग बैश लीग में खेली थी और अब उनके खेल का स्तर काफी अलग है। आप क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में देख सकते हो, जहां उनकी 40 से 50 खिलाड़ी किसी भी दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं। इसलिए मैं सचमुच चाहती हूं कि भारतीय क्रिकेट में ऐसा हो। मुझे लगता है कि आईपीएल इसमें बड़ी भूमिका अदा कर पाएगा।
महिलाओं के लिए तीन टीमों का चैलेंजर
भारतीय क्रिकेट बोर्ड इस समय महिलाओं के लिए सिर्फ एक टी20 चैलेंजर आयोजित करता है। इसमें तीन टीमें, ट्रेलब्लेजर्स, सुपरनोवाज और वेलोसिटी, भाग लेती हैं।