भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन चार साल के लंबे अंतराल के बाद टी-20 अंतरराष्ट्रीय में लौटे। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में उन्हें प्लेइंग XI में शामिल किया गया और उन्होंने इस फैसले को सही साबित करते हुए शानदार और किफायती गेंदबाजी की। अश्विन ने चार ओवर में 14 रन देकर दो विकेट झटके। अश्विन की गेंदबाजी से खुद कप्तान विराट कोहली भी बेहद प्रभावित हुए और उनकी तारीफ़ में कसीदे पढ़े।
अश्विन अपने प्रदर्शन से जहां संतुष्ट नजर आए तो वहीं उन्होंने अपना दर्द भी बयां किया। अश्विन ने कहा, 'विकेट लेने में बहुत मेहनत लगती है, और यह ऐसा कुछ नहीं है जो सिर्फ क्रिकेट मैच के दौरान ही होता है।
अश्विन के वर्ल्ड कप में चुने जाने को लेकर काफी सवाल उठे थे और एक तबके ने इसकी आलोचना भी की थी। इसपर अश्विन ने कहा, 'मुझे कभी-कभी उनके लिए खेद होता है जो खेल पर विशेषज्ञ राय दे रहे हैं। मैं 2007-08 से इस प्रारूप को खेल रहा हूं, और हर दो साल में, खेल हमारे दायरे से बाहर हो जाता है और यह हमें कुछ सिखाता है क्योंकि खेल बहुत तेजी से बदलता है। मुझे लगता है कि खेल की समझ अभी भी कई मायनों में पिछड़ी हुई है।
अश्विन ने टी-20 में गेंदबाजी पर कहा, 'कुछ ऐसी जगहें हैं जहां आप टेस्ट में गेंदबाजी कर सकते हैं लेकिन टी-20 में ऐसा संभव नहीं है।' उन्होंने कहा, 'विकेट अचानक से नहीं मिल जाते। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गेम पार्टनरशिप वाला है। अगर पिछला कोई ओवर बढ़िया गया है तो अगले ओवर में विकेट मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।'
35 वर्षीय स्पिनर ने वर्ल्ड कप में अपने चयन पर कहा, 'यह ऐसी खबर थी, जिसे सुनकर मैं बेहद उत्साहित और खुश था। मेरे लिए वर्ल्ड कप में होना एक सपने के जैसा था और मैं यहां टीम के लिए कुछ खास करना चाहता था।