नगर पालिका प्रशासन के उदासीन रवैये के चलते ग्राम सभा देवरामपुर के किसानों के करीब 40 बीघा खेत 15 सालों से जलमग्न हैं। ऐसा इसलिए है कि नगर पालिका प्रशासन ने देवरामपुर क्रासिंग से खैरबंद नगला क्रासिंग तक शहर के नाले का पानी छोड़ रखा है, जिससे खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। जिलाधिकारी, जिला पंचायत विभाग के अधिकारी और नगर पालिका प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों से तमाम शिकायतों के बावजूद ग्रामीणों की इस समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
विकास खंड बढ़पुर क्षेत्र की ग्राम सभा देवरामपुर सदर पालिका क्षेत्र से सटी है। इसी ग्राम सभा के पास गांव खैरबंद नगला व घारमपुर भी हैं। इन गांवों के रहने वाले ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 किसानों के लगभग 40 बीघा खेत देवरामपुर क्रासिंग व खैरबंद नगला क्रासिंग के पास हैं।
पीड़ित सुरेशचंद्र, रामनिवास, धर्मेंद्र कुमार और रामस्वरूप आदि ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 सालों से शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों का पानी नगर पालिका प्रशासन ने उनके खेतों की ओर मोड़ दिया, जिससे उनके खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
मौजूदा समय में उनके इन खेतों में नाले का पानी भरा होने से बड़ी-बड़ी जलकुंभी खड़ी हो गई है। पीड़ित किसानों का कहना है कि वह लोग जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, चेयरमैन और सांसद को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन उनकी समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। नगर पालिका प्रशासन पंचायती राज विभाग और पंचायती राज विभाग जिला प्रशासन पर मामला डाल देते हैं।
इस समस्या का निदान न होने से ग्रामीणों के अंदर गुस्सा पनप रहा है, जो किसी भी दिन फूट सकता है।