यह आदेश न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की एकल पीठ ने लेवाना हॉस्पिटलिटी लिमिटेड की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याची की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि एलडीए ने नौ नवंबर 2022 को होटल को ढहाने का आदेश जारी कर दिया था, जिसके खिलाफ याची का रिवीजन सरकार में लंबित है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि एलडीए राज्य सरकार के पास लंबित रिवीजन पर फैसला आने तक होटल लेवाना को गिराने के लिए उत्पीड़न की कोई कार्रवाई न करे। अंतरिम आदेश में कहा कि सरकार तीन हफ्ते में रिवीजन तय करे। अगली सुनवाई छह जुलाई को होगी।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की एकल पीठ ने लेवाना हॉस्पिटलिटी लिमिटेड की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याची की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि एलडीए ने नौ नवंबर 2022 को होटल को ढहाने का आदेश जारी कर दिया था, जिसके खिलाफ याची का रिवीजन सरकार में लंबित है। कहा कि याची को बिना सुनवाई का पर्याप्त मौका दिए ही यह आदेश पारित कर दिया गया, जबकि याची नक्शा पास करवाने के लिए तैयार है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा कि मामले पर विचार की आवश्यकता है।