27jjrp11- झज्जर। खिलाड़ी का स्वागत करते परिजन व ग्रामीण। स्रोत- परिजन
साल्हावास। पैरा एशियन गेम्स में भाला फेंक में स्वर्ण और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीतकर हनी गोरिया स्वदेश लौट आए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजनों और ग्रामीणों ने हनी और उनके कोच सुनील फोगाट का स्वागत किया। गांव में उनके सम्मान में जल्द ही समारोह आयोजित किया जाएगा।
जापान के ऐची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में हनी ने भाला फेंक में 60.49 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने टी37 वर्ग में चीन के डोंग शिया के 57.81 मीटर के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। डिस्कस थ्रो में 57.4 मीटर का प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता।
हनी के ताऊ हवा सिंह नंबरदार, पिता सुरेंद्र सिंह नंबरदार, बहन युक्ता गोरिया सहित परिजन और सैकड़ों ग्रामीण दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। परिजनों ने बताया कि गांव में स्वागत समारोह आयोजित करने के लिए ग्रामीणों से चर्चा की जाएगी। फिलहाल हनी अपने कोच के साथ रोहतक गए हैं।
हनी की बहन युक्ता भी नौकायन और जैवलिन थ्रो की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। दोनों कोच सुनील फोगाट और उनकी पत्नी ज्योति फोगाट के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। हनी अपनी बड़ी बहन को प्रेरणास्रोत मानते हैं। परिजनों ने बताया कि दिव्यांगता के बावजूद हनी ने हौसला बनाए रखा और पिता से स्वर्ण पदक जीतने का वादा पूरा किया।