अमरोहा। गजरौला के मोहरका पट्टी गांव के जंगल में शिकंजे में फंसे तेंदुए के मामले में वन विभाग ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। तीन से चार वर्ष के नर तेंदुए की हालत में सुधार है। शासन से अनुमति मिलने पर उसे कानपुर, लखनऊ या गोरखपुर के चिड़ियाघर भेजा जाएगा।
रविवार सुबह करीब सात बजे तिगरी चेक पोस्ट से मोहरका पट्टी जाने वाले मार्ग पर गंगा तटबंध किनारे तेंदुआ शिकंजे में फंसा मिला था। ग्रामीणों की सूचना पर धनौरा रेंजर अवनीश कुमार, वन दरोगा संतोष कुमार और कर्मचारी दीनदयाल टीम के साथ पहुंचे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित निकालकर पिंजरे में बंद किया गया और जटी वन स्थित डीएफओ कार्यालय परिसर में उपचार के लिए पहुंचाया गया।
राज्य वन्यजीव अभयारण्य में धनौरा और हसनपुर रेंज के 58 गांव शामिल हैं। घटनास्थल भी अभयारण्य क्षेत्र में आता है, जहां वन्यजीवों के शिकार पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद शिकंजा लगाए जाने से वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि तेंदुए के पैर और पेट के घाव भरने लगे हैं। वह सामान्य तरीके से खाना-पीना भी कर रहा है। घायल तेंदुए की जानकारी शासन को दी गई है। अनुमति मिलने पर उसे चिड़ियाघर भेजा जाएगा। अज्ञात शिकारियों की तलाश की जा रही है।