संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर।
डीघल गांव में मंगलवार देर रात रंजिश और बदले की आग में एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है।
करीब दो महीने पहले हुई एक हत्या का बदला लेने के लिए बदमाशों ने बेकसूर और पैरों से दिव्यांग 50 वर्षीय व्यक्ति जितेंद्र उर्फ जिते की गोलियों से भूनकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे गांव में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
डीघल निवासी फाइनेंसर साहिल की हत्या आठ अप्रैल को हुई थी। उसकी हत्या के बाद उसके चचेरे भाई अमित उर्फ बंटी ने कुछ दिन पहले सरेआम बदला लेने की धमकी दी थी। मंगलवार रात को वह अपने साथी के साथ जितेंद्र के घर में घुसा और 10 से ज्यादा गोलियां चलाई। सूत्रों की मानें तो जितेंद्र को सात गोलियां लगी, जिस कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हमला इतना अचानक हुआ कि जितेंद्र चारपाई से हिल भी नहीं पाया।
रात 12 बजे गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा गांव
पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के छोटे भाई सोमबीर ने बताया कि मंगलवार रात करीब 12 बजे वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहा था। उसका बड़ा भाई जितेंद्र घर के बाहर वाले कमरे में सो रहा था। अचानक आधी रात को ताबड़तोड़ गोलियां चलने की आवाज से पूरा इलाका दहल गया। सोमबीर जब भागकर बाहर आया तो जितेंद्र खून से लथपथ हालत में चारपाई पर पड़ा था। हमलावरों ने उस पर कई राउंड फायर किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस छावनी में बदला गांव, एफएसएल ने जुटाए सबूत
घटना की सूचना मिलते ही दुजाना थाना टीम के अलावा पुलिस कमिश्नर डाॅ. राजश्री सिंह, डीसीपी क्राइम शुभम, एसीपी क्राइम शमशेर सिंह दहिया और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उनके साथ भारी संख्या में पुलिस कर्मी भी पहुंचे। गांव में जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई है और गांव छावनी की तरह बन गया। वारदात की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल और चारपाई के आसआस से खाली कारतूस और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
पहले गली में चलाकर चेक की पिस्टल, फिर घर में घुसा
सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि हमलावर अमित अपने एक साथी के साथ मृतक जितेंद्र के मकान के सामने बार-बार आ-जा रहा था। जितेंद्र पर हमला करने के लिए घर में घुसने से पहले उसने गली में एक गोली चलाकर देखी। उसे डर था कि मौके पर गोली पिस्टल में न फंस जाए। जब पहली गोली सही चली तो वह दौड़कर दरवाजे से अंदर घुसा और 10 सेकेंड में ही 10 से ज्यादा गोलियां फायर कर दी।
20 दिन पहले रेड में बच निकला था बंटी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 दिन पहले पुलिस टीम ने गांव में रेड की थी। उस समय अमन उर्फ बंटी और उसके साथी पुलिस को चकमा देकर वहां से भाग निकले थे। इतना ही नहीं उन्होंने भागते समय पुलिस टीम के साथ अभद्रता भी की थी। अगर उसी दिन बंटी पकड़ा जाता तो आज जितेंद्र की हत्या की वारदात नहीं कर पाता
वर्जन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। हमलावरों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। सभी टीम उनको पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही उनको काबू कर लिया जाएगा।
शमशेर सिंह दहिया, एसीपी क्राइम, झज्जर