देहरादून स्थित झंडा साहिब में इस बार दर्शनी गिलाफ पंजाब के रोपड़ जिले के निवासी बहादुर सिंह चढ़ाएंगे।
करीब 25 साल पहले इनके पिता जोगेंद्र सिंह ने गिलाफ की बुकिंग कराई थी। इसी के साथ वर्ष 2108 तक के लिए दर्शनी गिलाफ की बुकिंग हो गई है। अब शनील के गिलाफ की बुकिंग वर्ष 2039 के लिए शुरू हो गई है। सोमवार से संगत दरबार साहिब पहुंचना शुरू हो जाएगी।
होली के पांचवें दिन झंडा जी का आरोहण किया जाता है। 28 मार्च को होने वाले झंडे जी के आरोहण के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इससे पहले दूध, दही, गंगाजल आदि से अभिषेक किया जाता है। इसके बाद सबसे पहले झंडे जी को दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाता है, जोकि साल में एक बार ही चढ़ता है। करीब 30 साल के इंतजार के बाद दर्शनी गिलाफ की बुकिंग करने वालों की बारी आती है।
हर साल शनील के गिलाफ करीब एक हजार चढ़ाए जाते हैं। सादे गिलाफ कोई भी चढ़ा सकता है। इस बार वर्ष 2039 के लिए शनील के गिलाफ की बुकिंग शुरू हो गई है। खुड़बुड़ा के एक परिवार ने बुकिंग में पहला नाम लिखवाया है। माता वाला बाग में इस बार 300 तंबू लगाए जाएंगे। पिछले 250 सौ तंबू लगे थे। दरबार साहिब में संगत बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि होली देर से पड़ने के कारण तब तक बच्चों की परीक्षाएं खत्म हो जाएंगी।
पांच साल तक एक ही झंडा जी
झंडा जी के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जबकि पांच सालों तक एक ही झंडे जी रहेंगे। पहले तीन साल में झंडे जी को बदलने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी, लेकिन पिछली बार जैसे ही पेड़ से झंडे जी के लिए लकड़ी काटी गई तो उसमें गिरने के बाद दरार आ गई।
चूंकि झंडे जी की लकड़ी बिना दरार वाली होनी चाहिए। ऐसे में पुराने झंडे जी को तीन साल बाद भी नहीं बदला गया। उसे इस बार भी नहीं बदला जा रहा है। झंडे जी के मेला प्रभारी बीपी सकलानी का कहना है कि आज के समय में लकड़ी का अभाव है। ऐसे में महंत जी ने यह बात कही है कि अब पांच साल में झंडे जी बदले जाएं तो अच्छा रहेगा। वैसे भी साल की लकड़ी सालों तक खराब नहीं होती है।
दरबार साहिब आज पहुंचेगी संगत
सबसे पहले पंजाब की पैदल संगत दरबार साहिब पहुंचती है। यह संगत रविवार शाम सहसपुर पहुंच चुकी है, जोकि सोमवार को दरबार साहिब पहुंच जाएगी। इस संगत में 80 लोग शामिल होंगे। जिनका महंत देवेंद्र दास स्वागत करेंगे। इसके बाद झंडे जी के आरोहण के लिए संगत का दरबार साहिब पहुंचना शुरू हो जाएगा।
सप्तमी को निकलेगी नगर परिक्रमा
पंचमी को सुबह नौ बजे से झंडे जी के आरोहण का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। पहले पुराने वस्त्र उतारे जाएंगे इसके बाद शाम चार बजे झंडे जी का आरोहण किया जाएगा। इसके बाद सप्तमी को संगत नगर कीर्तन निकालेगी, जोकि जगह-जगह रुकेगा।
संगत यहां ठहरेंगी झंडा जी आने वाली संगते
एसजीआरआर स्कूल झंडे जी तालाब, राजा रोड, रेसकोर्स, भंडारीबाग, पटेलनगर, जैन धर्मशाला, शिवाजी धर्मशाला, कालूमल
धर्मशाला आदि जगहों पर संगत ठहरेगी।