डिग्री कॉलेजों की संबद्धता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय तिथि को नजदीक आता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आ गया है। आवेदक 30 कॉलेजों को संबद्धता दिए जाने के पहले होने वाले पैनल निरीक्षण को लेकर यूनिवर्सिटी ने कवायद तेज कर दी है। इसे लेकर यूनिवर्सिटी ने उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय से तालमेल बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
संबद्धता को लेकर यह सजगता इसलिए भी है, क्योंकि पिछले वर्ष इसी तय तिथि के फेर में यूनिवर्सिटी ने 37 कॉलेजों को संबद्धता से वंचित कर दिया था। कॉलेजों को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने संबद्धता के लिए अंतिम तिथि 30 मई तय कर रखी है। इसके मुताबिक पैनल निरीक्षण की प्रक्रिया हर हाल में 15 अप्रैल तक पूरी हो जानी चाहिए।
संबद्धता के लिए यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को एनओसी तो जारी कर दी, लेकिन उनके पैनल निरीक्षण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की जबकि कॉलेजों ने एनओसी मिलते ही आवेदन कर दिया था। ऐसे में कुलपति ने उच्च शिक्षा अधिकारी को बुलाकर इस प्रक्रिया को पखवारे भर में सम्पन्न कराने की बात कही।
उच्च शिक्षा अधिकारी ने खुद के अकेले होने का हवाला देते हुए इतने कम समय में 30 कॉलेजों ने पैनल निरीक्षण कराने में असमर्थता जता दी। लेकिन जब कुलपति की ओर से इसे लेकर दबाव बनाया गया तो उच्च शिक्षा अधिकारी ने इसके लिए बाहर से एक्सपर्ट बुलाने का रास्ता निकाला। इस क्रम में उच्च शिक्षा अधिकारी ने वाराणसी के एक राजकीय कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी मिश्रा और कुशीनगर जिले के डाढ़ा बुजुर्ग राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एचआर नांगलिया को एक्सपर्ट के तौर पर बुलाने का फैसला किया है।
अधिकारियों की कमी का हवाला देते हुए उच्च शिक्षा अधिकारी पैनल निरीक्षण में असमर्थता जता रहे थे, लेकिन बाद में इसका हल निकाल लिया गया। निरीक्षण को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बाहर से दो राजकीय डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों को बुला रहा है। अब तय समय पर संबद्धता की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
प्रभाष द्विवेदी, रजिस्ट्रार, गोरखपुर यूनिवर्सिटी