पंजाब में पांच सौ करोड़ के वैट रिफंड घोटाले की सीबीआई जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम का गठन हो चुका है। सीबीआई ने राज्य सरकार को पत्र भेज कर केस से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
सीबीआई ने पंजाब सरकार से दस्तावेज मांगे हैं। यह दस्तावेज लुधियाना की आर्थिक अपराध शाखा और आबकारी एवं कराधान विभाग के पास हैं।
पंजाब सरकार के एक आला अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सीबीआई का पत्र अभी नहीं मिला है, जैसे ही पत्र मिलेगा इस संबंध में जरूरी कार्रवाई की जाएगी। उधर, सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के इस आदेश को लेकर बेहद गंभीर है और एडवोकेट जनरल से कानूनी राय ले रही है।
इससे पहले सीबीआई के एसपी विनीत बृजलाल ने कहा था कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जांच शुरू हो जाएगी।वैट रिफंड में होने वाले घोटाले का सबसे बड़ा सेंटर लुधियाना है। यहां ऐसी कई कंपनियां हैं जो ट्रेडर्स को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराती है और इस एवज में मोटी फीस लेते हैं।
इन दस्तावेजों में फर्म के रजिस्ट्र्ेशन नंबर, फर्जी बिल्टी, इनवाइस और ट्रांसपोर्ट के दस्तावेज यहां तक कि आईओसी बैरियर की पर्चियां भी बना कर दी जाती हैं। इन दस्तावेजों के सहारे फर्जी ट्रेडर्स वैट रिफंड के लिए आवेदन करते हैं और रकम डकार जाते हैं।
आबकारी एवं कराधान विभाग के सूूत्रों के मुताबिक विभागीय मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है और इस केस में कई अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।