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नागरिक अस्पताल में खड़ी रहती हैं डीघल और बादली में तैनात की गईं एंबुलेंस

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31jjrp03- झज्जर। नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद
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झज्जर। ग्रामीण क्षेत्रों में दिहाड़ी-मजदूरी कर पेट पालने वाले वे लोग, जो शहर के सरकारी अस्पताल तक आने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए सरकार ने मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) बनाई हुई हैं। डीघल और बादली के लिए दो एमएमयू एंबुलेंस निर्धारित की गई हैं। मगर ये एंबुलेंस फील्ड में जाने की जगह ज्यादातर समय नागरिक अस्पताल में ही खड़ी रहती हैं और इन पर तैनात स्टाफ फरलो पर रहता है। इससे लोग सुविधाओं से महरूम हो रहे हैं, साथ ही सरकारी योजना पर भी पलीता लग रहा है।
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जिले में ईंट भट्टों का बहुत बड़ा कारोबार है। इनमें से ज्यादातर पर प्रवासी मजदूर काम करते हैं। बीमार होने पर भी वे अस्पताल तक नहीं जा पाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उन्हें जानकारी नहीं होना है। दूसरा, उन्हें काम से छुट्टी भी नहीं मिलती है। ऐसे में इन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से मोबाइल मेडिकल यूनिट बनाई गई हैं। इसमें लोगों की जांच के लिए चिकित्सक की तैनाती होती है। ज्यादातर मजदूर धूल में काम करते हैं, जिसके कारण उन्हें टीबी होने का खतरा रहता है। इसलिए एमएमयू में टीबी एक्सरे की भी सुविधा दी गई है। रक्त के सामान्य टेस्ट की सुविधा भी इस एमएमयू में होती है। टेस्ट करने के लिए एक एलटी इस पर तैनात किया जाता है। दवा देने के लिए एक फार्मासिस्ट की भी तैनाती रहती है।

कंट्रोल रूम के साथ ही खड़ी रहती हैं एमएमयू

जिन एमएमयू को डीघल और बादली क्षेत्र में तैनात रहना चाहिए, वे लगभग पूरा दिन नागरिक अस्पताल में खड़ी रहती हैं। इन्हें एंबुलेंस कंट्रोल रूम के साथ ही खड़ा किया जाता है। इनकी निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी फ्लीट मैनेजर का कार्यालय भी कंट्रोल रूम में ही स्थित है। मगर कोई अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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जीपीएस लोकेशन की होनी चाहिए जांच

एमएमयू एंबुलेंस में भी जीपीएस लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग को लोकेशन की मदद से इनकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए। पीछे के रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए। सूत्रों की मानें तो ये सुबह 10 बजे नागरिक अस्पताल से निकलती हैं और 12 या एक बजे तक वापस आ जाती हैं। इन्हीं दो से तीन घंटों में इनके आने-जाने का समय भी शामिल है।
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वर्जन

यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. सुशील, डिप्टी सीएमओ, रोड ट्रांसपोर्ट, झज्जर

31jjrp03- झज्जर। नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद

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