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छत्तीसगढ़: सीएम बघेल बोले- माफियाओं पर कार्रवाई करें, लापरवाही हुई तो जिम्मेदार अफसरों को नहीं बख्शा जाएगा

Fri, 28 Jan 2022 06:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिया है कि किसी भी जिले में अवैध रेत उत्खनन नहीं होना चाहिए। किसी भी जिले से अवैध रेत उत्खनन की शिकायत मिलने पर कलेक्टर और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
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भूपेश बघेल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में नदियों में होने वाले अवैध खनन को लेकर सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इसके लिए सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार होंगे। माफिया पर कार्रवाई नहीं होने पर जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, अवैध रेत उत्खनन को लेकर अरपा अर्पण महाभियान समिति ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। 

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अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिया है कि किसी भी जिले में अवैध रेत उत्खनन नहीं होना चाहिए। किसी भी जिले से अवैध रेत उत्खनन की शिकायत मिलने पर कलेक्टर और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बघेल ने कहा कि अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नहीं होने पर जिले के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अवैध उत्खनन रोकने कलेक्टर और एसपी को स्वयं निगरानी करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में रेत माफियाओं द्वारा अवैध रूप से रेत के उत्खनन और परिवहन को लेकर प्रसारित खबरों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस सबंध में खनिज विभाग के आला अफसरों को रेत माफियाओं पर सख्ती से लगाम लगाने का निर्देश दिया है। बघेल ने कहा है कि जिलाधिकारी और एसपी अपने जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें और सख्ती से कार्रवाई कर रोक लगाएं।
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उन्होंने कहा कि राज्य को अवैध रूप से रेत उत्खनन और परिवहन से राजस्व में नुकसान उठाना पड़ रहा है। जहां रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिलती हैं, वहां खनिज विभाग के अधिकारियों और मैदानी अमले से सतत रूप से नियमित रूप से निरीक्षण कराया जाए। इन कार्यों में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रकरण तैयार किए जाए। परिवहन के लिए प्रयुक्त वाहनों को जप्त करने की कार्रवाई भी की जाए।

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