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Bilaspur: जैन दंपती हत्याकांड में आरोपी बेटे को राहत, हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदला

Sat, 02 Dec 2023 03:07 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

सार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुर्ग जिले की चर्चित रावल मल जैन दंपती हत्याकांड में आरोपी बेटे संदीप जैन को राहत दी है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद दुर्ग कोर्ट में दी गई फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुर्ग जिले की चर्चित रावल मल जैन दंपती हत्याकांड में आरोपी बेटे संदीप जैन को राहत दी है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद दुर्ग कोर्ट में दी गई फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है। साथ ही मामले में दो सह अभियुक्त शैलेंद्र और गुरु दत्ता की पांच-पांच साल की सजा को बदलकर दोष मुक्त कर दिया है।

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दरअसल एक जनवरी 2018 को दुर्ग के गंजपारा निवासी संदीप जैन ने अपने पिता रावल मल जैन और मां सुरजा बाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने जैन दंपती की हत्या के आरोपी बेटे संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने बताया था कि उसके पिता रावल मल जैन पुरानी रूढ़ीवादी विचारधारा के थे। उनको उसके महिला मित्रों से मिलना पसंद नहीं था। वे कई बार उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की धमकी भी दे चुके थे। इससे व्यथित होकर उसने अपने पिता को मारने की साजिश रची थी। 
 

 

संदीप ने पिता की हत्या करने के लिए एक देसी पिस्टल और कारतूस खरीदा था। देसी पिस्टल और कारतूस कालीबाड़ी दुर्ग निवासी भगत सिंह गुरूदत्ता और गुरूनानक नगर दुर्ग निवासी शैलेंद्र सागर ने बेचा था।

 

इस मामले की सुनवाई करते हुए दुर्ग जिला कोर्ट ने संदीप जैन को फांसी की सजा और दोनों सह-आरोपियों को जिला न्यायालय ने पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ संदीप के वकील ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य अभियुक्त संदीप जैन की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है साथ ही मामले के सह अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है।

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