नूंह में हुई हिंसा के लिए सोशल मीडिया जिम्मेदार रहा है। हरियाणा सरकार को इसके इनपुट मिले हैं। निजी और सरकारी एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के मामले में अलग अलग 11 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से कई आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनके अलावा, साइबर टीमें सोशल मीडिया को खंगाल रही हैं, जहां 31 जुलाई से पहले विवादित या उकसाऊ पोस्ट की गई हैं।
31 जुलाई को नूंह में धार्मिक यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। इमसें 6 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए और और सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। इस मामले में हरियाणा पुलिस अलग अलग पहलुओं से जांच कर रही है। इसमें पाकिस्तानी कनेक्शन भी जोड़ा जा रहा है।
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दोनों पक्षों ने डाली थी उकसाऊ पोस्ट
इस मामले को लेकर 31 जुलाई से पहले ही दोनों तरफ से उकसाऊ पोस्ट की गई, जिससे मामला अधिक बढ़ गया। सोशल मीडिया की पोस्टों के चलते ही राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक के युवा यहां पर पहुंचे थे। पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस का दावा है कि इनमें से कई की तो पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस इंस्टाग्राम, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया साइटस को खंगाल रहा है, जहां विवादित पोस्ट की हुई हैं।
यूपी-राजस्थान पुलिस के संपर्क में हरियाणा
हरियाणा पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस से भी संपर्क साधा है। हरियाणा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। आईपीएस अधिकारी ने बताया कि अब तक नूंह मामले में 61 एफआईआर की गई हैं और लगातार आरोपियों की धरपकड़ जारी है। गौर हो कि हरियाणा सरकार की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी भी सोशल मीडिया की पोस्टों की जांच कर रही है। इसमें आईटी एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।