फरीदकोट एसएसपी दफ्तर में विजिलेंस की रेड
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हत्या के साढ़े तीन साल पुराने केस में फंसाने की धमकी देकर फरीदकोट रेंज के आईजी प्रदीप कुमार यादव के नाम पर 50 लाख रुपये मांगने के मामले में विजिलेंस ने शुक्रवार को फरीदकोट एसएसपी दफ्तर में दबिश दी। इस दौरान विजिलेंस की टीम ने एसपी व डीएसपी से ढाई घंटे तक पूछताछ की। एसएसपी फरीदकोट हरजीत सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
आरोप है कि फरीदकोट में तैनात एसपी गगनेश कुमार शर्मा, डीएसपी सुशील कुमार व आईजी दफ्तर में तैनात रहे एसआई खेमचंद पराशर ने गांव कोटसुखिया में साढ़े तीन साल पहले डेरा बाबा हरका दास के प्रमुख संत बाबा दयाल सिंह की हत्या के केस में इसी डेरे के वर्तमान प्रमुख बाबा गगन दास को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 50 लाख रुपये की मांग की थी।
35 लाख रुपये में सौदा तय करके आरोपियों ने दो लोगों की मदद से पहले 15 लाख और फिर पांच लाख वसूले। आरोपी 15 लाख रुपये की मांग कर बाबा गगन दास को परेशान कर रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। इसी आधार पर विजिलेंस टीम पूछताछ करने पहुंची थी लेकिन एसआई मौके से खिसकने में कामयाब हो गया।
यह है मामला
सात नवंबर 2019 को फरीदकोट के गांव कोटसुखिया स्थित डेरा बाबा हरका दास के प्रमुख संत बाबा दयाल दास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में संत दयाल दास के शिष्य बाबा गगन दास के बयान पर जिला मोगा के गांव कपूरे के रहने वाले संत जरनैल दास समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने शूटरों समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। पुलिस जांच के बाद जनरैल सिंह को बेगुनाह करार दे दिया गया। बाद में शिकायतकर्ता गगन दास की याचिका पर अदालत ने जरनैल सिंह को फिर से समन जारी कर दिया। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी बना दी गई। पैसे मांगने वाले तीनों आरोपी इस एसआईटी में शामिल थे।