महान एथलीट मिल्खा सिंह के पोते और पद्मश्री गोल्फर जीव मिल्खा सिंह की राह पर अब उनके बेटे हरजय मिल्खा सिंह भी चल पड़े हैं। स्कॉटलैंड में 30 मई से 1 जून तक खेले गए यूरोपीयन गोल्फ चैंपियनशिप में भारत से खेलते हुए हरजय मिल्खा सिंह ने अंक तालिका में टॉप पोजीशन पर रहते हुए विजेता ट्रॉफी अपने नाम की।
रॉयल मुसीलबुर्ग गोल्फ कोर्स पर मुकाबले खेले गए। टूर्नामेंट में भारत सहित विदेशों से बेहतरीन गोल्फ खिलाड़ियों ने शिरकत की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरजय मिल्खा सिंह का यह पहला विजेता टाइटल रहा। तीन दिवसीय टूर्नामेंट में उन्होंने पहले दिन दिन 72 अंक, दूसरे दिन 70 अंक, तीसरे दिन 69 अंक के साथ कुल 211 अंक बटोर कर शीर्ष पोजीशन हासिल की।
जीत की ट्रॉफी दादा-दादी को की समर्पित, बोले- मेरे जीवन का महान क्षण
जीत के बाद हरजय मिल्खा ने कहा कि यह उनके जीवन का महान क्षण है। जीत की ट्रॉफी को उन्होंने दिवंगत दादी निर्मला मिल्खा सिंह और दादा सरदार मिल्खा सिंह को समर्पित किया। उनका पोता होना गर्व की बात है। दोनों सदा के लिए दुनिया से विदा हो चुके हैं, लेकिन जहां भी होंगे मुझ पर गर्व महसूस कर रहे होंगे।
पिता देते हैं ट्रेनिंग
हरजय मिल्खा सिंह सेक्टर-26 स्थित स्ट्राबेरी फील्ड्स स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं। 13 वर्ष के हरजय ने गोल्फ के अपने कॅरिअर की शुरुआत चंडीगढ़ गोल्फ क्लब से की। पिता जीव मिल्खा सिंह और दादा मिल्खा सिंह से प्रेरित होकर हरजय ने गोल्फ के खेल को चुना। पिता जीव मिल्खा सिंह जब भी भारत में होते हैं तो वह बेटे हरजय को अपने साथ गोल्फ कोर्स पर ट्रेनिंग देते हैं।