तीन युवतियां और एक युवक चंडीगढ़ - मोरनी मार्ग पर घूमने गए थे, लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि एक जिंदगी बची। पढ़िए उस खौफनाक मंजर की दर्दनाक दास्तां।
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तीन साल पहले पांच युवकों की मौत हुई थी
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Ghaggar Nahar
- फोटो : amar ujala
जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा 144 ढंग से लागू करवाने में स्थानीय प्रशासन लापरवाही का नतीजा घगगर नदी में नहाने पहुंचे दो लोगों के बहने के तौर पर आई है। इस हादसे में मौली जागरां निवासी युवती का शव बरामद हो गया है, जबकि राजीव कालोनी पंचकूला निवासी लापता है। मौके से मिली जानकारी के मुताबिक पंचकूला के राजीव कालोनी निवासी इंद्रीश, मोनिका और मनीषा तथा मौली जागरां निवासी नीलम पिंजौर ब्लाक के गांव जल्लाह बुर्ज कोटियां के समीप बहती घग्गर नदी पर पहुंचे। चारों घग्गर नदी स्थित झरने के पास चले गए। इंद्रीश ने बताया कि नीलम और मोनिका पानी में उतर गईं जबकि वह और मनीषा बाइक के पास खड़े रहे। इसी दौरान अचानक नदी में आए तेज बहाव पानी ने चारों को अपनी चपेट में ले लिया ।
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उसके हाथ में मनीषा की बाजू आ गई
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Ghaggar Nahar
- फोटो : amar ujala
युवक ने बताया कि पानी के तेज बहाव में जब सभी बहने लगे तो उसके हाथ में मनीषा की बाजू आ गई । उसने और वहां मौजूद लोगों ने उन दोनों को बचा लिया। जबकि नीलम और मोनिका तेज बहाव में झरने से करीब एक किमी आगे तेज बहते चले गए। वहां स्थानीय लोगों ने नीलम को पानी में डूबा देखा। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने नीलम को बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी जबकि मोनिका का अब तक पता नहीं चला है। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम कालका आशुतोष राजन, एसीपी कालका राजेश कुमार और चौकी इंचार्ज अमरावती मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने युवती की तलाश के लिए गोताखोर लगा दिए। देर रात तक नाडा साहिब गुरुद्वारा तक गोताखोर मोनिका की तलाश नहीं कर पाए थे।
एसडीएम और एसीपी ने कहा कि प्रशासन की ओर से धारा 144 की जानकारी चेतावनी बोर्ड और अखबारों के माध्यम से लोगों को लगातार दी जा रही है। तीन वर्ष पहले जुलाई 2013 में इसी जगह अचानक तेज बहाव पानी की चपेट आने से 5 युवक बह गए थे। वे सभी जन्म दिन की पार्टी मनाने के लिए नदी में बने झरने के पास आए थे और नहाते समय पानी में बह गए थे । मगर घटना के बाद भी पुलिस ने चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। उनका कहना है कि यहां अक्सर सैलानी युवक युवतियां यहां आकर नशा करते हैं और नदी के पानी में नहाते हैं । जब उनको रोका जाता है तो वे हाथापाई करने पर उतर आते हैं। प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं करता उसी का नतीजा है कि यहां इस तरह की दूसरी घटना घटी है।