जनकपुरी कालोनी निवासी 15 वर्षीय संजना के पिता करनैल सिंह और माता सुनीता दोनों ही अध्यापक हैं। पिता की प्रेरणा से दो साल पहले ही संजना ने बाक्सिंग खेलना शुरू किया था। करनैल सिंह हरसौला के राजकीय स्कूल में तैनात थे। उस गांव से कई खिलाड़ी बाक्सिंग सीखने कैथल स्थित आरकेएसडी खेल सेंटर पर आते थे। खिलाड़ियों को देखकर ही करनैल ने अपनी बेटी को बॉक्सर बनाने की ठान ली और सेंटर पर भेजना शुरू कर दिया।
संजना एक दिन भी सेंटर से छुट्टी नहीं करती हैं। उसी का परिणाम है कि दुबई में हुई प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया है। संजना ने 2021 में गोहाना में हुई जूनियर स्टेट बाक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था। उसके बाद सोनीपत में स्वर्ण पदक हासिल किया था। अब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में संजना ने रजत पदक जीत जिले का नाम रोशन किया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सोना जीत चुकी हैं लासू यादव
पट्टी अफगान निवासी लासू यादव ने कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। लासू ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय बाक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था। यह प्रतियोगिता फरवरी 2020 में स्वीडन के बोरस में हुई थी। लासू के पिता रमेश नंबरदार दो एकड़ जमीन के मालिक हैं।
खेतीबाड़ी से ही घर का गुजारा हो रहा है। लासू का छोटा भाई कुश भी बॉक्सिंग का खिलाड़ी है। माता जानकी देवी गृहिणी हैं। चार साल पहले दोनों ने बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। आरकेएसडी में चल रहे बॉक्सिंग खेल सेंटर में लासू कोच राजेंद्र सिंह, कोच गुरमीत सिंह और कोच विक्रम के पास अभ्यास करती हैं। इससे पहले भी लासू ने गुवाहाटी में हुई खेलो इंडिया प्रतियोगिता में रजत, पानीपत में हुई डीएवी स्कूल नेशनल बाक्सिंग में स्वर्ण, कैथल में हुए खेल महाकुंभ में रजत और रोहतक में हुई जूनियर नेशनल बाक्सिंग प्रतियोगिता में भी रजत पदक हासिल किया है। सोनीपत में जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।