संभावनाएं बहुत, नहीं ला रहे नई परियोजनाएं
राव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में टिप्पणी की है कि निकायों के वित्तीय तौर पर सक्षम होने की संभावनाएं बहुत हैं। निकाय नई परियोजनाएं लाने में विफल हैं। वे सेवाएं सुधारें, नई तकनीक का इस्तेमाल करें तो उनकी आय कई गुना बढ़ सकती है। इन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार के अनुदान पर निर्भरता कम करनी होगी। निकायों के क्रिया-कलापों को सुव्यवस्थित करने की जरूरत है।
निकायों में घोटाले भी कम नहीं
पंचकूला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल व अंबाला सहित अन्य निकायों में करोड़ों रुपये के घोटाले भी हुए हैं। जिनकी जांच राज्य चौकसी ब्यूरो, कैग व अन्य जांच एजेंसियां कर रही हैं। फरीदाबाद नगर निगम के लेखा विभाग के अधिकारियों के बिना काम के किए भुगतान की जांच चल रही है। यह 23 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला है।
करनाल नगर निगम में औचक निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं और अंबाला नगर निगम में वर्षों से करोड़ों की बकाया रिकवरी भी इनके वित्तीय रूप से कमजोर होने का कारण है। अंबाला नगर निगम के लगभग डेढ़ सौ करोड़ लोगों के पास फंसे हैं। पंचकूला नगर निगम में बायो-रेमेडियेशन ऑफ लीगेसी वेस्ट (एक प्रकार से कचरे का जैव उपचार) घोटाला हुआ है। कूड़ा-कर्कट एकत्रित करने की निगम की क्षमता 400-500 एमटी है, 800 से 1200 एमटी की 5 करोड़ रुपये अदायगी दिखाई गई है।