चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में स्नातक वर्ग के सीनेट चुनाव करवाने को लेकर उम्मीदवार रविंदर धालीवाल और डीपीएस रंधावा के साथ अन्य सीनेटर व विद्यार्थी संगठन वीसी दफ्तर के बाहर धरना दे रहे हैं। प्रदर्शन के चौदहवें दिन शुक्रवार को उम्मीदवारों को समर्थन देने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत और लुधियाना से विधायक सिमरनजीत सिंह बैंस वीसी दफ्तर के बाहर पहुंचे। नेताओं ने सीनेट चुनाव करवाने के मुद्दे को संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक और पंजाब विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया।
किसान नेता राकेश टिकैत, हरिंदर सिह लक्खोवाल और बलदेव सिंह सिरसा के साथ शुक्रवार शाम को पीयू में स्नातक वर्ग के सीनेट चुनाव करवाने को चल रहे धरने को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान राकेश टिकैत ने सीनेट उम्मीदवारों और विद्यार्थियोें को आश्वासन दिया कि सीनेट चुनाव करवाने के मुद्दे को संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक में प्रमुखता से उठाया जाएगा, क्योंकि केंद्र सरकार सभी विश्वविद्यालयों का केंद्रीकरण करने में लगी है। देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिए पहले लोकतंत्र का बचना जरूरी है। अगर विश्वविद्यालय का लोकतंत्र बचा रहेगा तो ही देश के लोकतंत्र का बचाव हो पाएगा। केंद्र सरकार की विद्यार्थियों को सस्ता मजदूर बनाने वाली योजनाएं है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने शैक्षिक अधिकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
विधानसभा में उठाएंगे सीनेट का मुद्दा
विधायक सिमरनजीत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक साख को बचाए रखना पंजाब के लिए बहुत जरूरी है। उम्मीदवारों की ओर से जारी संघर्ष और विश्वविद्यालय की सीनेट को बचाने के मुद्दे को पंजाब विधानसभा के अगले सत्र में उठाया जाएगा, जिससे इस मुद्दे को हल करवाया जा सके। इस दौरान बैंस ने वीसी और रजिस्ट्रार से मिलने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन फोन करने पर अधिकारियों ने बताया कि दोनों ही मौजूद नहीं है।
एनएसयूआई के अध्यक्ष नीरज कुंदन ने दिया समर्थन
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन भी शुक्रवार को पीयू का दौरा करने आए। इस दौरान उन्होंने वीसी दफ्तर के बाहर सीनेट धरने को समर्थन दिया। एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी लगातार सीनेट चुनाव करवाने की मांग को लेकर धरने में शामिल हो रहे हैं।