चंडीगढ़ नगर निगम में शामिल हुए 13 गांवों में सरकारी भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने गांवों के लिए जारी विशेष निधि में से ही 2.04 करोड़ रुपये स्वीकृत कर काम शुरू कराने का निर्देश दिया है। निगम के इंजीनियरों की टीम ने कार्ययोजना शुरू कर दी है। इससे पहले निगम ने फंड की कमी का हवाला देते हुए भवन, रोड, बागवानी और बिजली के काम के लिए प्रशासन से 19.06 करोड़ रुपये की मांग की थी।
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आयुक्त ने बताया कि नगर निगम में शामिल 13 गांवों के विकास के लिए 102.21 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया था। इसमें प्रशासन ने अपनी तरफ से 12 करोड़ रुपये की लागत से दड़वा, रायपुकलां और मौलीजागरां में सेक्टर-26 वाटरवर्क्स से कनाल वाटर लाइन डालने का फैसला किया। इसके बाद निगम को कुल 91 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराने थे। गांव के भवनों के निर्माण व मरम्मत पर केवल 2.04 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। वहीं, पाइप लाइन डलने या सड़कों की मरम्मत में भी समस्या नहीं आनी है। इसलिए जो फंड है, उसमें से भवन निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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फिलहाल 50 करोड़ का ही मिला है फंड
निगम ने पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन, सीवर लाइन, वाटर स्टॉर्म लाइन डालने के लिए 72.09 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया था। टेंडर प्रक्रिया के बाद सभी काम 50 करोड़ से ही हो गए। निगम ने पत्र लिखकर प्रशासन को बताया कि 15.85 करोड़ गांव के अंदर की सड़कें, 2.04 करोड़ से पंचायत के भवनों की मरम्मत, 1.15 करोड़ बिजली और 1.17 करोड़ रुपये से बागवानी का काम कराया जाना है। फंड न देने की स्थिति में प्रशासन को इन कार्यों को कराने की व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन से अभी निगम को 50 करोड़ का ही फंड मिला है।
इस तरह बना था गांवों के विकास का रोडमैप
काम फंड
सीवरेज 28.18 करोड़
स्टॉर्म वाटर लाइन 22.39 करोड़
वाटर सप्लाई 32.58 करोड़
रोड रीकार्पेटिंग 7.29 करोड़
पेबर ब्लॉक 8.56 करोड़
भवन निर्माण 2.04 करोड़
बागवानी 0.02 करोड़
इलेक्ट्रिकल 1.15 करोड़
कुल 102.21 करोड़
किसान आंदोलन के कारण अटका शिलान्यास का काम
उधर, किसान आंदोलन के कारण गांवों में जन स्वास्थ्य के कार्यों का शिलान्यास नहीं हो पा रहा है। मेयर रविकांत शर्मा ने एक बार योजना बनाकर काम के शिलान्यास की घोषणा की। उसके बाद योजना रद्द कर दी गई। उसके बाद ऑनलाइन कार्यों के शिलान्यास की योजना बनी, लेकिन वह भी विरोध के कारण अटकी है।
भवनों के काम पर सड़क व जन स्वास्थ्य के काम का फर्क नहीं पड़ेगा। इसलिए अभी जो फंड है उससे भवन निर्माण का काम शुरू करा रहे हैं। काम के हिसाब से अतिरिक्त फंड के बारे में विचार किया जाएगा। -आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम